
कलाकारों ने शायर पद्मश्री डॉ. बशीर बद्र की ग़ज़लों को अपनी-अपनी आवाज़ में पेश कर खिराज ए अकीदत पेश की
आगरा। शनिवार की शाम शीरोज हैंगआउट में मशहूर शायर पद्मश्री डॉ. बशीर बद्र के नाम रही। आगरा के वरिष्ठ और युवा गायकों ने इस शाम को अपनी-अपनी प्रस्तुतियों से क्या खूब सजाया। पद्मश्री बशीर बद्र को ख़िराज़-ए-अकीदत (श्रद्धांजलि) पेश करने के लिए सजाई गई इस खूबसूरत शाम को हार्मनी आर्ट्स, चित्रांशी और शीरोज ने आयोजित किया था। इस सुरमई शाम के मुख्य अतिथि पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार थे। वहीं विशिष्ट अतिथि डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास थे। कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय गजल गायक सुधीर नारायण और उनके सहयोगी कलाकारों ने डॉ. बशीर बद्र की कई ग़ज़लों को एक के बाद एक जो पेश किया, ये शाम बखूबी परवान चढ़ती गई।
गायन के बीच में पद्मश्री बशीर बद्र के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विचार रखने और खिराज ए अकीदत पेश करने का सिलसिला भी चला जिसमें हरीश सक्सैना चिमटी, डॉ. एसके चंद्रा, सुशील सरित, सुहैल लखनवी, गति सिंह ने अपने अपने विचार व्यक्त किए।
अपने संबोधन में पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने कहा कि बशीर बद्र साहब की शायरी में मौजूद मानवतावादी पहलू को जीवन में आत्मसात करने की जरूरत है। डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने कहा कि बशीर बद्र जैसे शायर समाज में सद्भाव बनाए रखने का काम करते रहे हैं।
गायक सुधीर नारायण और अन्य साथी कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों की शुरुआत इस गजल से की-“कहां आंसुओं की ये सौगात होगी नए लोग होंगे नई बात होगी…!” इसके बाद उन्होंने सुनाया-“अगर तलाश करूं कोई मिल ही जाएगा, मगर तुम्हारी तरह कौन मुझको चाहेगा…!” गायिका डॉ.ओस सत्संगी ने सुनाया -“सोचा नहीं अच्छा बुरा देखा सुना कुछ भी नहीं…!” गायक देशदीप ने सुनाया -“कभी यूं भी आ मेरी आंख में कि मेरी नजर को खबर न हो, मुझे एक रात नवाज़ दे मगर उसके बाद सहर न हो…! बैकुंठी देवी कन्या महाविद्यालय की संगीत की पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. अमिता त्रिपाठी ने सुनाया-“न जी भर के देखा न कुछ बात की बड़ी आरज़ू थी मुलाक़ात की…!” सुधीर नारायण के साथी गायक कलाकारों में निशा कुमारी, अक्षय प्रताप सिंह, हर्षित पाठक, रिंकू चौरसिया, डॉ. ओस सत्संगी, गति सिंह, देशदीप शामिल थे। उनके साथ तबले पर राज मैसी ने संगत की। मंच संचालन अमीर अहमद एडवोकेट ने किया। शीरोज़ के रामभरत उपाध्याय ने धन्यवाद दिया। इस मौके पर आकाशवाणी के सहायक निदेशक अनेन्द्र सिंह, श्री कृष्ण, मोहित कुमार, बीडी जैन कॉलेज की प्राचार्या डॉ. वंदना अग्रवाल, शीरोज़ के आशीष शुक्ला, अजय तोमर, चित्रांशी के अब्दुल कुद्दूस, डॉ.महेश धाकड़, हेमा शर्मा, विशाल रियाज़, टोनी फास्टर, परवेज़ कबीर, मोहम्मद असलम आदि मौजूद रहे।


