लापरवाही मिली तो अनुबंधीय कार्रवाई के साथ एफआईआर भी, आगरा को नंबर वन बनाने का लक्ष्य
आगरा। त्योहारी सीजन शुरू होने के साथ शहर की स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए नगर निगम प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने शुक्रवार को स्मार्ट सिटी सभागार में शहर में स्वच्छता कार्यों में लगे सभी वेंडरों और सेवा प्रदाता संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उनके कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वच्छता कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्य में गंभीर कोताही मिलने पर केवल अनुबंध की शर्तों के तहत कार्रवाई तक सीमित न रहते हुए एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
नगर आयुक्त ने कहा कि त्योहारी सीजन प्रारंभ हो चुका है, ऐसे में शहर में साफ-सफाई और नागरिक सुविधाओं को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। सभी वेंडर अपने-अपने दायित्वों का निर्धारित मानकों के अनुसार समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि आगरा को स्वच्छता के क्षेत्र में नंबर वन बनाने का लक्ष्य लेकर सभी संस्थाओं को पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा।
उन्होंने कहा कि बरसात का दौर समाप्त हो चुका है, इसलिए अब कार्य में देरी या लापरवाही के लिए किसी तरह का बहाना स्वीकार नहीं किया जाएगा। संबंधित संस्थाएं अपने संसाधनों, कर्मचारियों और मशीनरी की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए नियमित रूप से अपने कार्यक्षेत्र की निगरानी करें। जहां भी व्यवस्था में कमी दिखाई दे, उसे तत्काल दूर किया जाए।
बैठक में नगर आयुक्त ने स्वच्छता कार्यों से जुड़े वेंडरों से उनके कार्यक्षेत्र, उपलब्ध संसाधनों और वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। मेकैनिकल रोड स्वीपिंग का कार्य कर रही राज राजेश्वरी, डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन से जुड़ी स्वच्छता कॉरपोरेशन और एसएनवायरो, सामुदायिक शौचालयों के संचालन से जुड़ी एक्मे कंसल्टेंट सहित कुबेरपुर स्थित प्लांट, सेप्टिक टैंक आदि के संचालन से जुड़ी संस्थाओं के प्रतिनिधि बैठक में मौजूद रहे।
नगर आयुक्त ने सभी संस्थाओं को निर्देशित किया कि वे अपने कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करें और यह सुनिश्चित करें कि शहर में कहीं भी स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित न हो। विशेष रूप से त्योहारी दिनों में बढ़ने वाले कूड़े और सार्वजनिक स्थलों पर सफाई की आवश्यकता को देखते हुए संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने पर जोर दिया गया। कहा कि एक सप्ताह बाद पुनः बैठकर कामों की समीक्षा की जाएगी।
उन्होंने कहा कि नगर निगम का लक्ष्य केवल कागजी औपचारिकताएं पूरी करना नहीं, बल्कि शहरवासियों को धरातल पर बेहतर स्वच्छता व्यवस्था उपलब्ध कराना है। इसके लिए नगर निगम के अधिकारियों के साथ-साथ स्वच्छता कार्यों में लगे सभी वेंडरों की जिम्मेदारी भी तय है। मानकों के अनुरूप कार्य नहीं करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ संजीव वर्मा, सहायक नगरआयुक्त अशोक प्रिय गौतम के अलावा पर्यावरण अभियंता पंकज भूषण और एस एफआई सुदेश यादव भी मौजूद रहे।


