सेवा में , माननीय मुख्यमंत्री उप्र शासन लखनऊ एवं
श्रीमान जिलाधिकारी आगरा- किसान दिवस
विषय- दुर्दशा पर आंसू बहा रहे आलू उत्पादक किसानः सरकार से कोल्ड स्टोर के भाड़े में 250 रुपये प्रति कुंतल सब्सिडी की मांग
महोदय,
आलू की फसल का उचित मूल्य न मिल पाने के कारण आगरा के आलू उत्पादक किसान भुखमरी के कगार पर पहुंच गये हैं। वे अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहे हैं। लेकिन इन आलू उत्पादक किसानों के आंसू पोंछने वाला कोई नहीं है। सरकार से उम्मीद थी कि चुनावी वर्ष होने के कारण कुछ सरकारी राहत मिलेगी लेकिन वहां से भी किसानों को झूठे आश्वासन का झुनझुना पकड़ा दिया गया। सरकार और उसके अफसरान मीटिंग करते रहे लेकिन आलू उत्पादक किसानों को राहत के नाम पर सिर्फ छला गया।
1-हाल ये है कि किसान कोल्ड स्टोर भाड़े में 250 रुपये सब्सिडी की मांग लंबे समय से करते चले आ रहे हैं लेकिन सरकारी अमले के कान पर जूं तक नहीं रेंगा। यही हाल रहा तो आगरा के आलू उत्पादक किसान आलूपैदा करना ही बंद कर देंगे।
2-हम आलू उत्पादकों को विगत कई वर्षोें से लगातार घाटा उठाना पड रहा है। हम लोग सरकार से लगातार मांग करते आ रहे हैं कि बीज, खाद और कोल्ड स्टोर के भाड़े में सब्सिडी दे दी जाए। जिससे आलू उत्पादक घाटे में तो नहीं रहेंगे। अभी तो हम किसानों को ब्याज पर कर्जा लेकर आलू की फसल करनी पड़ रही है। हर साल घाटा हो रहा है। सरकार से मांग है कि आलू उत्पादक किसानों के केसीसी ऋण ब्याज समेत माफ किये जाएं।
3- सरकारी स्तर से फल-फूल ,सब्जी के बीज नकली जबरन थोप दिये जाते हैं। नतीजा यह होता है कि किसानों की फसल बर्बाद हो जाती है। हमारी मांग है कि किसानों को जबरन फल-फूल,सब्जी के बीज न थोपे जाएं और सराकरी छूट का लाभ सीधे किसानों के खाते में भेजा जाए।
4- अच्छी फसल के लिये कृषि विभाग द्वारा उपलब्ध करायी जाने वाली दवाओं में भी गड़बड़ी रहती है, इसे रोका जाए। हमारी मांग है कि उच्च कोटि की कंपनियों से ये दवाएं सीधे खरीदी जाएं और पात्र किसानों को पौस मशीन द्वारा वितरित की जाएं।
ज्ञापन देने वालों में आलू उत्पादक सेवा समिति के प्रदेश महासचिव लक्ष्मीनरायन बघेल के साथ किसान नेता श्याम सिंह चाहर, लाखन सिंह त्यागी, वीरेंद्र सिंह परिहार आदि रहे।
प्रार्थी
लक्ष्मीनरायन बघेल
दिनांक-15-7-. 2026


