Agra News: श्री वार्ष्णेय सभा का वार्षिकोत्सव–2025 सम्पन्न, 31 वृद्धजनों व 30 मेधावी छात्रों का हुआ सम्मान

Press Release

आगरा। श्री वार्ष्णेय सभा, आगरा के तत्वावधान में आयोजित वार्षिकोत्सव–2025 रविवार को सूरसदन प्रेक्षागृह में सामाजिक चेतना, सम्मान और सांस्कृतिक उल्लास के साथ भव्य रूप से संपन्न हुआ। कार्यक्रम का मुख्य केंद्र समाज के 31 वृद्धजनों का सम्मान और 30 मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करना रहा, जिसने समारोह को भावनात्मक और प्रेरणादायी बना दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन के साथ हुआ। इसके उपरांत जादूगर अखिलेश की रोचक और मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह का भरपूर मनोरंजन किया। समारोह में समाज के 31 वरिष्ठ नागरिकों को शॉल, पुष्पमाला एवं सम्मान-चिह्न प्रदान कर भावपूर्ण सम्मान व्यक्त किया गया। इसके बाद शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 30 मेधावी छात्र-छात्राओं तथा हाल ही में आयोजित खेलकूद व सामान्य ज्ञान प्रतियोगिताओं में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार व प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मंडल आयुक्त, आगरा शैलेन्द्र सिंह ने कहा कि वृद्धजनों का सम्मान हमारी सांस्कृतिक परंपरा की मूल आत्मा है। उन्होंने कहा कि जब कोई समाज अपने अनुभवी वरिष्ठजनों के मार्गदर्शन और युवाओं की ऊर्जा को साथ लेकर आगे बढ़ता है, तभी सतत और समावेशी विकास संभव होता है।

पुरस्कार वितरण डॉ. अशोक वार्ष्णेय (वार्ष्णेय पॉलीपैक, आगरा) द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि सम्मान से आत्मविश्वास बढ़ता है और यही आत्मविश्वास आगे चलकर सफलता का मजबूत आधार बनता है। कार्यक्रम में दीप प्रज्ज्वलन शैलेश वार्ष्णेय द्वारा किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम का उद्घाटन अनिल वार्ष्णेय, संस्थापक एवं राष्ट्रीय संयोजक, वीवीएस राष्ट्रीय संगठन, गुरुग्राम ने किया, जबकि कार्यक्रम के उद्घाटनकर्ता कमल किशोर वार्ष्णेय रहे। इस अवसर पर ‘वार्ष्णेय कल्याण’ के ‘सानिध्य’ विशेषांक (ई-पत्रिका) का लोकार्पण मुनेन्द्र वार्ष्णेय द्वारा किया गया।

सभा के मंत्री विनोद कुमार गुप्ता ने समाज की सामाजिक गतिविधियों की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। समाज के पूर्व अध्यक्ष इंजी. एस.सी. वार्ष्णेय को समाज के प्रति उनके समर्पण और उत्कृष्ट कार्यों के लिए मरणोपरांत “वार्ष्णेय रत्न” सम्मान से अलंकृत किया गया। सभा के अध्यक्ष दाऊदयाल गुप्ता ने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि श्री वार्ष्णेय सभा शिक्षा, सम्मान और सेवा के माध्यम से समाज को निरंतर आगे बढ़ाने के संकल्प पर अडिग है।

कार्यक्रम संयोजक संजीव बाबू गुप्ता ने सभी आगंतुकों, अतिथियों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। स्वागताध्यक्ष डॉ. अशोक वार्ष्णेय ने उपस्थित सभी अतिथियों का स्वागत एवं माल्यार्पण किया। बच्चों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहीं, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा।

इस अवसर पर इं. विनय कुमार वार्ष्णेय, इं. एन.सी. गुप्ता, प्रहलाद चन्द्र गुप्ता, पंकज वार्ष्णेय, संजीव वार्ष्णेय, एच.एस. वार्ष्णेय, अनिल कुमार वार्ष्णेय, सुनील कुमार वार्ष्णेय, आशुतोष वार्ष्णेय, पवन कुमार वार्ष्णेय, अनूप शंकर वार्ष्णेय, दिनेश चन्द्र गुप्ता, विनोद कुमार गुप्ता, कोषाध्यक्ष आर.बी. गुप्ता, सुरेंद्र कुमार वार्ष्णेय, लक्ष्मी नारायण वार्ष्णेय, भानु प्रकाश वार्ष्णेय, अनिल कुमार गुप्ता, हेमंत वार्ष्णेय, संजय वार्ष्णेय, दीपक कुमार वार्ष्णेय, मदन मोहन वार्ष्णेय, कुलदीप वार्ष्णेय, मनोज गुप्ता, कालीचरण गुप्ता, कृष्ण मोहन गुप्ता, अमित वार्ष्णेय सहित समाज के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

आयोजन में मंजू वार्ष्णेय, रजनी वार्ष्णेय, रीनू वार्ष्णेय, नीतू गुप्ता, सीमा वार्ष्णेय, डिम्पल वार्ष्णेय, सरिता, माधुरी गुप्ता सहित समाज की महिलाओं और युवाओं ने भी बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई। पूरा समारोह सामाजिक एकता, सांस्कृतिक समरसता और भावी पीढ़ी को प्रेरणा देने का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया।

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