

जिलाधिकारी मनीष बंसल के निर्देशों पर हीटवेब/भीषण लू की चेतावनी के दृष्टिगत व शासन की मंशानुरूप जनपद की ग्राम पंचायतों में सार्वजनिक स्थानों,पंचायतघर, चौराहों,आम रास्तों पर आमजन व पशुपक्षियों हेतु हैंडपंप मरम्मत, री-बोर,प्याऊ,शीतल जल की समुचित व्यवस्था की गई सुनिश्चित- शीतल जल, पानी के घड़े बुझा रहे प्यास
आगरा.31.05.2026.जिलाधिकारी मनीष बंसल ने मौसम विज्ञान विभाग की हीटवेब/भीषण गर्मी,प्रतिकूल मौसम की चेतावनी के दृष्टिगत तथा शासन द्वारा दिए निर्देश के क्रम में अपील जारी कर आमजन से भीषण गर्मी और लू के दौरान सतर्क रहें,पर्याप्त पानी पीएं, धूप में बाहर निकलते समय सिर को कपड़े, टोपी आदि से ढक निकलने,नींबू पानी, ओआरएस, ग्लूकोज, तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी है।
जिलाधिकारी ने बताया गया कि हीटवेब/भीषण गर्मी,प्रतिकूल मौसम की चेतावनी के दृष्टिगत आमजन हेतु जनपद की ग्राम पंचायतों में सार्वजनिक स्थानों, पंचायतघर, चौराहों,आम रास्तों पर आमजन व पशुपक्षियों हेतु हैंडपंप मरम्मत, री-बोर,प्याऊ,शीतल जल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई
जिलाधिकारी ने कहा कि आई.एम.डी. द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार बढ़ते तापमान के कारण हीट-वेव/लू प्रकोप का प्रभाव बढ़ना संभावित है,इसलिए हीटवेव/लू से आम जनमानस के बचाव हेतु सभी संबंधित विभागों को उपयुक्त तैयारियां करने हेतु निर्देशित किया गया है। जिलाधिकारी ने सभी निराश्रित गौ आश्रय स्थलों पर शीतल पेयजल, छाया, हरे चारे की समुचित व्यवस्था करने के भी भी निर्देश दिए गए
जिलाधिकारी ने भीषण गर्मी से बचाव हेतु सभी ग्राम पंचायतों के सार्वजनिक स्थानों, पंचायतों में लगने वाली हाट/पैठ में तथा अन्य सामुदायिक स्थलों पर शीतल पेयजल तथा पानी के मटके, छाया की व्यवस्था आदि किए जाने हेतु कड़े निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने गैर-सरकारी संगठनों/स्वयं सेवी, सामाजिक संस्थाओं का भी सहयोग सहायता लेने,ऐसे स्थल जहाँ बड़ी संख्या में श्रमिक/यात्रीगण इकट्ठे होते हैं, उन्हें चिन्हित करते हुए इन स्थलों पर गर्मी/लू से बचाव हेतु आश्रय स्थलों का संचालन शीतल पेयजल, प्याऊ आदि की व्यवस्था के निर्देश दिए हैं जिनका अनुपालन किया जा रहा है।
हीट वेब/लू – प्रकोप से बचाव हेतु क्या करें:-
जिलाधिकारी मनीष बंसल ने आमजन से अपील की है कि कडी धूप में विशेष रूप से दोपहर 12 बजे से 03 बजे के बीच बाहर जाने से बचें। हल्के रंग के ढीले-ढाले और सूती कपडे पहनें। धूप में निकलते समय अपना सिर ढक कर रखें, कपडे, टोपी या छाता का उपयोग करें। पर्याप्त और नियमित अन्तराल पर पानी पीते रहें। सफर में अपनें साथ पीने का पानी हमेशा रखें। खुद को हाइड्रेट रखने के लिए ओ०आर०एस० घोल नारियल का पानी, लस्सी, चावल का पानी, नीबू का पानी, छांछ, आम का पन्ना इत्यादि घरेलू पेय पदार्थो को इस्तेमाल करें। रेडियो, टीवी और समाचार पत्रों के माध्यम से स्थानीय मौसम एवं तापमान की जानकारी रखें। कमजोरी, चक्कर आने या बीमार महसूस होने पर तुरन्त डॉक्टर से सम्पर्क करें। अपने घर को ठंडा रखे, पर्दे, शटर आदि का इस्तेमाल करें तथा रात में खिडकियां खुली रखें।
हीटवेव/लू-प्रकोप से बचाव हेतु क्या न करें:-
बच्चों एवं पालतू जानवरों को बिना निगरानी के पार्क की गयी कार में अकेला न छोड़ें, वाहन जल्दी गर्म होकर खतरनाक तापमान पैदा कर सकते हैं, जो बच्चों के लिये घातक हो सकती है। भीषण गर्मी में दोपहर के समय अधिक श्रम वाली गतिविधियों को न करें। उच्च प्रोटीन वाले भोजन से बचें और बासी भोजन न करें। शराब, चाय, कॉफी और कार्बोनेटेड शीतल पेय पदार्थों का सेवन करने से बचें, क्योंकि ये शरीर को निर्जलित करतें हैं। दोपहर में जब दिन का तापमान अधिक हो उस दौरान खाना पकाने से बचें तथा रसोई घर को हवादार बनाये रखने के लिये खिडकी व दरवाजे खुले रखें।


