लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर जी की 301वीं जयंती ताज नगरी आगरा में धूमधाम से मनायी

Religion/ Spirituality/ Culture उत्तर प्रदेश

 

आगरा। पुण्यश्लोक लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर जी की 301वीं जयंती ताज नगरी आगरा में धूमधाम से मनायी गयी। जयंती महोत्सव को श्रद्धा, उत्साह एवं सामाजिक समरसता के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के माध्यम से लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जी के आदर्शों, समाज सेवा, न्यायप्रियता, महिला सशक्तिकरण एवं लोककल्याणकारी कार्यों को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया गया । महोत्सव के अंतर्गत विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गये, कुछ आगे भी किये जाएंगे।  जिनमें समाज के गणमान्य नागरिक, युवा, महिलाएं एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि सहभागिता कर रहे हैं।

शोभायात्रा रविवार को शाम 5 बजे नामनेर चौराहा  से प्रारम्भ होकर, कटघर, ईदगाह से पुलिस चौकी खेरिया मोड़, श्री राम शांति सेवा सदन सोना नगर खेरिया मोड़  आगरा तक पहुंची। जिसमें खेरिया मोड़ पर मंच बनाकर झांकियों का स्वागत किया गया। झांकियों के साथ चल रहे महारानी अहिल्याबाई के समर्थक सिर पर साफा बांधकर और गले में माला पहनकर बैंडबाजों की धुन पर नाचते हुए चल रहे थे। साथ ही महारानी अहिल्याबाई अमर रहें के नारे लगाते चल रहे थे। यहां शांति सेवा सदन में पहुंचने पर खेरिया मोड़ की आयोजन समिति द्वारा अतिथियों का स्वागत किया गया। जिनमें सेवानिवृत बैंक अधिकारी श्रीकृष्ण बघेल, डा. बृजेश बघेल, किशोर बघेल, लाखन सिंह, सुरेंद्र सिंह बघेल एडवोकेट, सतेंद्र सिंह, बनै सिंह, राजेश बघेल, सीपी सिंह, महेंद्र सिंह बघेल, राजेंद्र सिंह बघेल आदि के द्वारा गमछा और माला पहनाकर शोभायात्रा के साथ चल रहे महारानी के अनुयायियों का स्वागत किया।

 

इसके पश्चात यह शोभायात्रा सभा के रूप में परिवर्तित हो गयी। जिसमें संरक्षक हरीसिंह बघेल, निहाल सिंह, महेश बघेल एडवोकेट, राकेश धनगर पूर्व ब्लॉक प्रमुख उपाध्यक्ष, राम प्रकाश बघेल कर्त्तिकारी, रतन सिंह परिहार आदि के द्वारा समाज के लोगों से देवी अहिल्याबाई के आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। साथ ही समाज में व्याप्त कुरीतियों जैसे दहेज प्रथा, मृत्युभोज आदि पर रोक लगाने का आह्वान किया। साथ ही अपनी आगे आ रही पीढ़ी को अधिक से अधिक शिक्षित करने पर जोर दिया। कहा कि हमारे समाज से भी आईएएस और आईपीएस निकलें, इसके लिये हमें ठोस प्रयास करने चाहिये। जिससे कि अन्य समाजों की तरह हमारा समाज भी आगे बढ़ सके। एक-दूसरे की निंदा करने के बजाए संपूर्ण समाज को आगे बढ़ाने के लिये सार्थक प्रयास किये जाएं। शोभायात्रा में आये महारानी के समर्थक महिला-पुरुषों को रात्रि भोज कराया गया।

 

 

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