आगरा। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक माया मैरिज लॉन, रामलीला ग्राउंड इटावा में प्रदेश अध्यक्ष मुकुन्द मिश्रा की अध्यक्षता में हुई। संचालन प्रदेश महामंत्री डॉ. दिलीप सेठ ने किया। बैठक में व्यापारियों की प्रमुख समस्याओं पर मंथन कर उनके समाधान के लिए आगामी रणनीति तय की गई।
प्रदेश युवा महामंत्री गिर्राज अग्रवाल ने बताया कि व्यापारियों ने मंडी व्यवस्था में ई-ट्रैकिंग गेट पास पूर्णतः समाप्त करने, मंडी यार्ड में रिटर्निंग रूम की व्यवस्था तथा मंडी सचिवों की मनमानी पर नियंत्रण के लिए व्यापारी समिति गठित करने की मांग की।
जीएसटी के संबंध में त्रिवार्षिक रिटर्न व वार्षिक ऑडिट की सीमा 5 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये, 40 लाख तक के टर्नओवर वाले छोटे व्यापारियों को अनावश्यक नोटिस से राहत तथा ई-वे बिल की सीमा 50 हजार से बढ़ाकर 2 लाख रुपये करने की मांग की गई। जीएसटी की छापामार कार्रवाई और एसआईबी के माध्यम से व्यापारी उत्पीड़न रोकने तथा टीडीएस-टीसीएस की जटिलताएं समाप्त करने की मांग भी उठी।
ई-कॉमर्स कंपनियों पर नियमों का सख्ती से पालन कराने, प्राइवेट लेबल के माध्यम से खुदरा व्यापार प्रभावित करने तथा भारी सीओडी छूट से छोटे व्यापारियों को होने वाले नुकसान पर रोक लगाने की मांग की गई। स्थानीय व्यापार और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
बैठक में मेडिकल स्टोरों के लिए फार्मासिस्ट संबंधी नियमों को व्यावहारिक बनाने, खाद्य सुरक्षा विभाग की मनमानी पर अंकुश लगाने, पंजीकृत व्यापारियों को कैशलेस इलाज, दैवीय आपदा से प्रभावित व्यापारियों को राहत तथा राज्यसभा एवं विधान परिषद में व्यापारियों को भी प्रतिनिधित्व देने की मांग की गई।
नगर निकायों में संपत्ति कर, जलकर एवं स्वकर में बेतहाशा वृद्धि रोकने और जिला पंचायत में रजिस्ट्रेशन शुल्क व लाइसेंस फीस की दोहरी व्यवस्था समाप्त करने की मांग भी प्रमुख रही।
बैठक में सुनील पांडे राष्ट्रीय सदस्य व्यापारी कल्याण बोर्ड प्रदेश युवा अध्यक्ष जीतेन्द्र सोनी जिला अध्यक्ष गिरिराज अग्रवाल प्रदेश उपाध्यक्ष राजकुमार गुरनानी प्रदेश मंत्री दीपक शर्मा सहित पदाधिकारी मौजूद रहे।


