कागारौल के गढ़मुक्खा में पानी के लिए टंकी पर चढ़े गांव वाले, महिला बीडीसी सदस्य ने किया कूदने का प्रयास, महिलाओं का भारी हंगामा, प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी

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आगरा के गढ़मुक्खा में पानी के लिए टंकी पर चढ़े गांव वाले, महिला बीडीसी सदस्य ने किया कूदने का प्रयास, महिलाओं का भारी हंगामा, प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी

आगरा में कागारौल क्षेत्र के गढ़मुक्खा गांव में टंकी पर लटकी महिला बीडीसी सदस्य को उतारते ग्रामीण। दूसरे चित्र में मौके पर प्रदर्शन करते गांववासी।

आगरा, 17 मई। ब्लॉक खेरागढ़ की ग्राम पंचायत बेरी चाहर के गांव गढ़मुक्खा में रविवार को पानी के संकट ने ऐसा विस्फोट किया कि पूरा गांव आंदोलन की शक्ल में सड़कों और पानी की टंकी पर उतर आया। पेयजल की समस्या से परेशान महिलाएं और ग्रामीण पानी की टंकी पर चढ़ गए और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए हंगामा शुरू कर दिया।

स्थिति उस समय बेहद तनावपूर्ण हो गई जब क्षेत्र पंचायत सदस्य अनीता सिंह ने आक्रोश में टंकी से नीचे कूदने का प्रयास कर दिया। वह टंकी से लटक गईं, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस और ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें सुरक्षित ऊपर खींच लिया। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।

महीनों से पानी की किल्लतनहीं सुन रहा प्रशासन

ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में लंबे समय से भीषण पेयजल संकट बना हुआ है। कई बार शिकायतें करने के बावजूद न तो जलापूर्ति व्यवस्था सुधारी गई और न ही कोई स्थायी समाधान किया गया। रविवार को समस्या से परेशान महिलाएं और ग्रामीण सीधे गांव की पानी की टंकी पर चढ़ गए। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए कहा कि गांव में पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं है, जबकि अधिकारी सिर्फ आश्वासन देकर मामले को टालते रहे हैं।

बीडीसी सदस्य के कदम से मचा हड़कंप

प्रदर्शन के दौरान क्षेत्र पंचायत सदस्य अनीता सिंह का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने टंकी से नीचे कूदने की कोशिश की और टंकी से लटक गईं। यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोगों में चीख-पुकार मच गई। पुलिसकर्मियों और ग्रामीणों ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए उन्हें पकड़कर सुरक्षित ऊपर खींच लिया। यदि थोड़ी भी देर होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।

मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक टीम

घटना की सूचना मिलते ही एसीपी सुकन्या शर्मा, थाना प्रभारी अंकुर राठी, नायब तहसीलदार अभिषेक कुमार सहित पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति को शांत करने का प्रयास किया। काफी देर तक समझाने-बुझाने और समस्या के समाधान का भरोसा देने के बाद महिलाएं और ग्रामीण टंकी से नीचे उतरने को तैयार हुए।

तालाब और नहर को लेकर भी उठी मांग

प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों की पंचायत बैठी, जिसमें पुलिस के अलावा प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहे। गांव के तालाब की समस्या भी प्रशासन के सामने रखी। ग्रामीणों का कहना था कि ग्राम पंचायत कागारौल में बने तालाब में लंबे समय से पानी नहीं भरा गया है।

ग्रामीणों ने मांग की कि तालाब को नहर से जोड़ने के लिए नाली बनाई जाए और उसमें पानी भरवाया जाए ताकि गांव के पालतू और जंगली पशुओं को भी पानी मिल सके। ग्रामीणों का कहना था कि गर्मी में पशु भी पानी के अभाव में परेशान हैं और तालाब सूखा पड़ा रहने से स्थिति और खराब हो रही है।

अधिकारियों ने दिया जल्द समाधान का भरोसा

नायब तहसीलदार अभिषेक कुमार ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के बाद संबंधित अधिकारियों के समक्ष मामला रखकर जल्द समाधान कराने का आश्वासन दिया। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि अब उन्हें सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर पानी की स्थायी व्यवस्था चाहिए। गांव वालों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और बड़ा किया जाएगा।

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