हर 10 वार्ड पर एक नोडल अधिकारी, अब वार्ड स्तर पर ही होगा समस्याओं का त्वरित समाधान

Press Release उत्तर प्रदेश

——- जनप्रतिनिधियों से समन्वय बढ़ाएगा नगर निगम, सफाई से लेकर स्ट्रीट लाइट तक की जिम्मेदारी तय

आगरा। शहर की सफाई व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से नगर निगम प्रशासन ने अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए नई व्यवस्था लागू की है। नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने नगर निगम के सभी अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए प्रत्येक अधिकारी को 10-10 वार्डों का नोडल अधिकारी नामित किया है। अब संबंधित अधिकारी अपने आवंटित वार्डों का नियमित निरीक्षण करेंगे और पार्षदों के साथ समन्वय स्थापित कर स्थानीय समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करेंगे।
नगर निगम प्रशासन का मानना है कि प्रतिदिन आम नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा विभिन्न समस्याओं की शिकायतें प्राप्त होती हैं, लेकिन कई मामलों में विभागीय समन्वय और जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद के अभाव के कारण समस्याओं का त्वरित समाधान नहीं हो पाता। इसी व्यवस्था को सुधारने के लिए यह नई कार्यप्रणाली लागू की गई है।
जारी निर्देशों के अनुसार प्रत्येक नामित नोडल अधिकारी अपने अधीन आने वाले 10 वार्डों का नियमित भ्रमण करेंगे। वे वार्डों में सफाई व्यवस्था, सड़कों पर गड्ढों की मरम्मत, गृहकर से जुड़े मामलों, पथ प्रकाश (स्ट्रीट लाइट) व्यवस्था, पार्कों के रखरखाव, आवारा पशुओं की समस्या सहित नगर निगम से संबंधित सभी कार्यों की मौके पर समीक्षा करेंगे। इसके साथ ही संबंधित वार्ड के पार्षदों से लगातार संपर्क बनाए रखेंगे, ताकि स्थानीय स्तर पर प्राप्त होने वाली शिकायतों का तत्काल समाधान कराया जा सके।
नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन समस्याओं का समाधान नोडल अधिकारी अपने स्तर पर नहीं करा सकेंगे, उनकी विस्तृत रिपोर्ट नगर आयुक्त को उपलब्ध कराएंगे, ताकि उच्च स्तर पर आवश्यक कार्रवाई कर समस्या का शीघ्र निस्तारण कराया जा सके।
नई व्यवस्था के तहत अधिकारियों की कार्यप्रणाली की नियमित निगरानी भी की जाएगी। नगर आयुक्त स्वयं समय-समय पर तथा पाक्षिक समीक्षा बैठक के माध्यम से प्रत्येक नोडल अधिकारी के कार्यों की समीक्षा करेंगे। समीक्षा के दौरान वार्डों में कराए गए कार्यों, शिकायतों के निस्तारण और जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय की स्थिति का मूल्यांकन किया जाएगा। इससे अधिकारियों की जवाबदेही बढ़ेगी और नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
नगर निगम प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था से वार्ड स्तर पर समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया तेज होगी, पार्षदों और अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा तथा नागरिकों को अपनी समस्याओं के लिए बार-बार निगम कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य का वर्जन:

“नगर निगम की प्राथमिकता शहरवासियों को बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। प्रत्येक अधिकारी को 10-10 वार्डों का नोडल अधिकारी बनाया गया है ताकि वार्ड स्तर पर ही समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो सके। अधिकारियों को नियमित भ्रमण करने, पार्षदों से समन्वय बनाए रखने तथा हर शिकायत का समयबद्ध निस्तारण कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिन मामलों का समाधान स्थानीय स्तर पर संभव नहीं होगा, उनकी रिपोर्ट सीधे मुझे प्रस्तुत की जाएगी। कार्यों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं ।

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