
नगर निगम ने उठाया सौंदर्यीकरण का बीड़ा, 600 पौधों से बनेगा हरित मॉडल पार्क
आगरा। राजामंडी क्षेत्र स्थित मोती कुंज का ‘गोबर वाला पार्क’ अब अपनी बदहाल छवि से बाहर निकलने जा रहा है। वर्षों से गोबर, गंदगी और आवारा पशुओं की वजह से उपेक्षा का शिकार बने इस पार्क के कायाकल्प का जिम्मा नगर निगम प्रशासन ने उठा लिया है। जल्द ही यह पार्क हरियाली, स्वच्छता और आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित नजर आएगा।
नगर निगम द्वारा चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के तहत पार्क से पहले चरण में गोबर, कचरा और अवैध रूप से घूम रहे पशुओं को हटाया गया। इसके बाद पूरे क्षेत्र का समतलीकरण कर भूमि को विकसित किया गया है। अब यहां हरी-भरी घास बिछाई जा चुकी है, जिससे पार्क का स्वरूप पूरी तरह बदलने लगा है।
अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार के अनुसार, पार्क को एक आकर्षक हरित क्षेत्र के रूप में विकसित करने के लिए यहां बड़े स्तर पर पौधारोपण किया गया है। पार्क के चारों ओर चंपा, रेड मेरा, नीम, पीपल, पाम और अशोक सहित करीब 600 पेड़-पौधे लगाए गए हैं, जो आने वाले समय में क्षेत्र को स्वच्छ और हराभरा बनाएंगे।
उन्होंने बताया कि पार्क में सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए समरसिबल पंप भी स्थापित किया गया है, जिससे पौधों की नियमित देखभाल सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही नागरिकों की सुविधा के लिए पार्क में झूले, बैंच और नेचुरल पाथ-वे तैयार किए जा रहे हैं, ताकि लोग यहां सैर, व्यायाम और मनोरंजन का लाभ उठा सकें। पहले यह पार्क बदबू और गंदगी का केंद्र बना हुआ था, जिससे आसपास रहना भी मुश्किल था। उन्होंने बताया कि सौंदर्यीकरण कार्य अंतिम चरण में है और जल्द ही यह पार्क आम जनता के लिए पूरी तरह तैयार कर दिया जाएगा।
नगर आयुक्त का वर्जन:
नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने बताया कि शहर के सभी उपेक्षित पार्कों को विकसित कर उन्हें उपयोगी और आकर्षक बनाया जा रहा है। मोती कुंज पार्क का कायाकल्प इसी अभियान का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि “हमारा प्रयास है कि प्रत्येक क्षेत्र में लोगों को स्वच्छ, सुरक्षित और हरित वातावरण मिले। मोती कुंज पार्क को मॉडल पार्क के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।”


