—– सुल्तानगंज की पुलिया से वाटर वर्क्स और नवीन गल्लामंडी तक बनेगी आरसीसी ड्रेन, जलभराव से मिलेगी राहत
आगरा। शहर में बारिश के दौरान होने वाले जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नगर विकास विभाग ने स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज की दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी है। अर्बन फ्लड/जल प्लावन नियंत्रण एवं स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज योजना के तहत शहर में इन दोनों परियोजनाओं पर कुल 72.74 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। परियोजनाओं के पूरा होने के बाद संबंधित क्षेत्रों में बरसाती पानी की निकासी व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
इस संबंध में जानकारी देते हुए प्रभारी मुख्य अभियंता अरविंद श्रीवास्तव ने बताया कि नगर विकास अनुभाग की ओर से जारी पत्र में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अर्बन फ्लड/जल प्लावन नियंत्रण एवं स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज योजना के तहत प्रदेश के 14 नगर निगमों की कुल 24 परियोजनाओं के लिए 1380.21 करोड़ रुपये की कार्ययोजना को अनुमोदित किया गया है। इसी कार्ययोजना में आगरा की दो परियोजनाएं भी शामिल हैं।
मुख्य अभियंता के अनुसार, आगरा में पहली परियोजना के तहत सुल्तानगंज की पुलिया से वाटर वर्क्स कल्वर्ट तक आरसीसी स्टॉर्म वाटर ड्रेन का निर्माण कराया जाएगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत 35.30 करोड़ रुपये है। इसका उद्देश्य इस मार्ग और आसपास के क्षेत्र में बरसात के पानी की निकासी के लिए व्यवस्थित और मजबूत ड्रेनेज सुविधा विकसित करना है जबकि दूसरी परियोजना के तहत नवीन गल्लामंडी में एनएच-19 कल्वर्ट से एसटीपी तक आरसीसी स्टॉर्म वाटर ड्रेन का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना पर 37.44 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। दोनों परियोजनाओं की कुल लागत 72.74 करोड़ रुपये है। इन परियोजनाओं को सीएनडीएस द्वारा पूरा कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि शहर में तेजी से बढ़ते शहरी क्षेत्र और बरसात के दौरान पानी की निकासी की जरूरत को देखते हुए स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज नेटवर्क को मजबूत किया जा रहा है। आरसीसी ड्रेन के निर्माण से बारिश के पानी को निर्धारित निकासी मार्ग तक पहुंचाने में सुविधा होगी और जलभराव वाले क्षेत्रों में समस्या कम करने में मदद मिलेगी। मुख्य अभियंता के मुताबिक परियोजनाओं के क्रियान्वयन से शहर के संबंधित हिस्सों में बरसाती पानी की निकासी के लिए दीर्घकालिक आधारभूत ढांचा तैयार होगा। इससे बारिश के दौरान सड़कों और आबादी वाले क्षेत्रों में पानी जमा होने की स्थिति को नियंत्रित करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
आगरा में स्वीकृत दोनों परियोजनाओं को शहर के स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज नेटवर्क को बेहतर बनाने की की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


