आलू कोल्ड भाड़े में 250 रुपये प्रति कुंतल सब्सिडी सीधे किसानों के खाते में दी जाएः किसान नेताओं ने उद्यान मंत्री को दिया ज्ञापन

Press Release उत्तर प्रदेश

अलीगढ़। आलू कोल्ड भाड़े में 250 रुपये प्रति कुंतल सब्सिडी सीधे किसानों के खाते में दी जाए। इस आशय का एक ज्ञापन किसान नेताओं  लक्ष्मीनरायन बघेल आदि ने  प्रदेश के उद्यान मंत्री को आज गोष्ठी के दौरान  दिया।   ज्ञापन आलू उत्पादक किसान नेताओं ने कहा कि  इस साल प्रदेश में आलू की फसल का उचित मूल्य आलू उत्पादक किसानों को नहीं मिला है। ऊपर से कोल्ड भाड़ा बहुत अधिक देना पड़ा है।
उन्होंने  उद्यानमंत्री  दिनेश प्रताप सिंह से कहा  है कि आलू कोल्ड भाड़े को कम किया जाए अथवा किसानों को 250 रुपये प्रति कुंतल सब्सिडी कोल्ड स्टोर भाड़े पर सीधे किसानों के खाते में खसरा खतौनी के आधार पर दी जाए।  बीते वर्षों में आलू परिवहन के नाम पर व्यापारियों और मंडी समिति द्वारा सरकारी धन की लूट की गयी थी। इसे अब रोका जाए और सीधे किसानों के खाते में कोल्ड स्टोर भाड़े में सब्सिडी के रूप में दिया जाए।

आलू उत्पादक सेवा समिति के प्रदेश सचिव लक्ष्मीनरायन ने कहा कि मौजूदा सत्र में कोल्ड स्टोर का भाड़ा बहुत अधिक बढ़ा दिया गया है। जबकि इस साल आलू उत्पादक किसानों की माली हालत बहुत खस्ता है। उनका अपनी लागत मूल्य भी नहीं निकल पा रहा है।

उन्होंने कहा कि औद्यानिक मिशन के अंतर्गत फल-फूल और सब्जियों के बीज किसानों को सीधे उपलब्ध कराये जाएं। इस संबंध में मौजूदा समय में चल रही व्यवस्था में भ्रष्टाचार पनप रहा है , इसलिये इसे रोका जाए ।  एनएससी से बीज वितरण राज्य सरकार के उद्यान विभाग के माध्यम से सीधे किसानों को उपलब्ध कराया जाए। नकली बीज किसी कीमत पर किसान बर्दाश्त नहीं करेंगे।  बीते वर्षों में नकली बीज के कारण किसानों को काफी क्षति उठानी पड़ी है।

आलू उत्पादकों का कहना है कि  हम आलू किसान अपनी फसल की बेकदरी से अफसरशाही को सैकड़ों नहीं हजारों बार अवगत करा चुके हैं। आलू का समर्थन मूल्य बढ़ाकर 15 रुपये प्रति किग्रा किया जाए। भुखमरी के कगार पर पहुंचा आलू उत्पादक किसान बहुत आक्रोश में है। अब भी उनकी सुनवाई नहीं की गयी तो वे जनांदोलन भी करने को मजबूर होंगे। ज्ञापन देने वालों में  लक्ष्मीनरायन के साथ आगरा से गये अन्य किसान नेता लाखन सिंह त्यागी, अनिल विदौलिया, वीरेंद्र परिहार,  कल्लू सिंह यादव आदि  शामिल थे।

 

 

 

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *