
प्रयागराज / लखनऊ: 34 से अधिक वर्षों के अपने प्रतिष्ठित प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान दीपक कुमार ने उत्तर प्रदेश शासन में अपर मुख्य सचिव (वित्त), कृषि उत्पादन आयुक्त, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त (IIDC) तथा अध्यक्ष यूपीइडा (UPEDA) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर सफल नेतृत्व प्रदान किया है। ‘स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया’ SGFI के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने महासंघ में अभूतपूर्व सुधारात्मक कदम उठाए हैं, जिसके चलते सर्बिया के बेलग्रेड में आयोजित ‘इंटरनेशनल स्कूल स्पोर्ट्स फेडरेशन’ की शीर्ष कार्यकारिणी के चुनाव में उन्हें ‘एसेसर’ (Assessor) के पद पर ऐतिहासिक जीत हासिल हुई है।
निर्वाचित होकर स्वदेश वापस आने के पश्चात, ‘स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया’ के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ आईएएस अधिकारी दीपक कुमार और फेडरेशन की कार्यकारिणी के सदस्य व सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद उ० प्र ० भगवती सिंह ने विगत 24 जुलाई को सायं 4:30 बजे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, योगी आदित्यनाथ जी शिष्टाचार भेंट की। भेंट के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री को अपने निर्वाचन एवं बेलग्रेड में आयोजित प्रक्रिया के विषय में अवगत कराया।
उन्होंने जानकारी दी कि जनवरी 2023 में प्रेसिडेंट का कार्यभार संभालने के पश्चात SGFI में परिवर्तनकारी सुधार किए गए हैं। वर्तमान में स्कूली खिलाड़ियों का पंजीकरण, प्रतियोगिता प्रबंधन और परिणामों का पूर्ण डिजिटलीकरण किया गया है। फर्जीवाड़े को समाप्त करने तथा पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु आधुनिक प्रणालियों का प्रयोग किया जा रहा है। 5 लाख से अधिक डिजिटल खेल प्रमाणपत्र डिजिलॉकर पर उपलब्ध कराए गए, जिससे युवाओं को नौकरी व छात्रवृत्ति में सुलभता मिली है।
‘स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया’ की पहुँच प्रतिवर्ष देश के 2.62 लाख से अधिक विद्यालयों और 4.14 करोड़ से अधिक छात्रों तक है। सत्र 2025–26 में 45 संबद्ध निकायों के माध्यम से 44 खेल विधाओं में 250 से अधिक राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन हुआ, जिसमें 61,000 से अधिक छात्र-एथलीटों ने भाग लिया। अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में मजबूत भागीदारी की गयी है और ‘इंटरनेशनल स्कूल स्पोर्ट्स फेडरेशन’ U15 वर्ल्ड स्कूल वॉलीबॉल चैंपियनशिप 2025 में पहली बार भारतीय बालक टीम ने कांस्य पदक जीता। 120 से अधिक शारीरिक शिक्षा शिक्षकों व कोचों को अंतरराष्ट्रीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम के तहत प्रमाणन प्रदान किया गया।
भारत अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर किये गए प्रयासों के परिणामस्वरूप भारत को वर्ष 2027 में दो बड़ी वैश्विक प्रतियोगिताओं ISF वर्ल्ड स्कूल कुश्ती (Wrestling) चैंपियनशिप 2027 (स्थान: दिल्ली, भारत) और ISF वर्ल्ड स्कूल बैडमिंटन (Badminton) चैंपियनशिप 2027 (स्थान: दिल्ली, भारत)की मेजबानी मिली है। इन आयोजनों हेतु SGFI द्वारा दिल्ली सरकार और खेल एवं युवा कल्याण मंत्रालय (भारत सरकार) के साथ समझौता (MoU) हस्ताक्षरित किया गया है, जिसमें 35 से अधिक देशों के 1,100 से अधिक एथलीट व अधिकारी भाग लेंगे।
उन्होंने अवगत कराया कि हमारा उद्देश्य केवल प्रतियोगिताएं आयोजित करना नहीं बल्कि भारत की कोने-कोने में छुपी खेल प्रतिभाओं को खोज कर उन्हें स्कूल से अंतर्राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाना है। ‘इंटरनेशनल स्कूल स्पोर्ट्स फेडरेशन’ में भारत का प्रतिनिधित्व देश के युवाओं के लिए वैश्विक अवसरों के द्वार खोलेगा। हम 2036 के ओलंपिक में भारत के सपने को सरकार करने के लिए ओलंपिक रेडी खिलाड़ी तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
इस वैश्विक सफलता पर मुख्यमंत्री ने उन्हें बधाई दी और कहा कि उत्तर प्रदेश की अन्य सभी खेल एसोसिएशनों को भी राष्ट्रीय फेडरेशन और अंतर्राष्ट्रीय फेडरेशन की कार्यकारिणी में अपनी उल्लेखनीय भागीदारी बढ़ानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय व राष्ट्रीय खेल मंचों से प्राप्त अनुभव के आधार पर प्रधानमंत्री के विजन और वर्ष 2036 में भारत में प्रस्तावित ओलंपिक खेलों के सफल आयोजन का सपना साकार किया जा सकेगा। राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर की नीतियों एवं नियमों की बेहतर समझ से राज्य व देश के खेल ढाँचे में गुणात्मक सुधार लाया जा सकेगा।
उन्होंने उत्तर प्रदेश के खेल परिदृश्य को सर्वोच्च स्तर पर स्थापित करने हेतु अपेक्षा की, कि प्रदेश केवल खेलों का सफल आयोजन ही न करे, बल्कि योजनाबद्ध प्रयासों से वर्ष 2036 तक उत्तर प्रदेश को स्कूली खेलों के नक्शे पर देश के शीर्ष 03 राज्यों में शामिल किया जाए। रणनीति ऐसी होनी चाहिए कि भारत की मजबूत पकड़ वाले पारंपरिक खेलों (जैसे कबड्डी, योग) को भी ओलंपिक खेलों में प्रदर्शित एवं शामिल कराने के प्रयास किए जाएं। प्रदेश की सभी खेल एसोसिएशन अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय फेडरेशन की कार्यकारिणी में सक्रिय भागीदारी निभाएं, जिससे प्रदेश और देश के खेलों को विश्व पटल पर सर्वोच्च पहचान मिले।


