प्लास्टिक के तिरंगे बेचने वालों पर नगर निगम की नजर, कार्रवाई की तैयारी
आगरा। स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर बाजारों में तिरंगे की बिक्री शुरू हो गई है। नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर में प्लास्टिक से बने राष्ट्रीय ध्वज की बिक्री नहीं होने दी जाएगी। दुकानदारों ने यदि प्लास्टिक के तिरंगे बेचने की कोशिश की तो नगर निगम की टीम कार्रवाई करेगी। इसके लिए बाजारों और प्रमुख स्थानों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी।
अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस देश के लिए गौरव और सम्मान का पर्व है। राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान को ध्यान में रखते हुए प्लास्टिक से बने तिरंगे की बिक्री और इस्तेमाल से बचना जरूरी है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से भी राष्ट्रीय पर्वों और महत्वपूर्ण आयोजनों पर प्लास्टिक के झंडों के स्थान पर कागज के झंडों के इस्तेमाल की अपील की गई है। गृह मंत्रालय के अनुसार प्लास्टिक के झंडे जैव-अवक्रमणीय नहीं होते और लंबे समय तक नष्ट नहीं होते, जिससे उनके उचित निस्तारण में समस्या आती है।
उन्होंने बताया कि फ्लैग कोड ऑफ इंडिया, 2002 और राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 के प्रावधानों के तहत राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और उचित उपयोग का ध्यान रखना अनिवार्य है। गृह मंत्रालय के अनुसार राष्ट्रीय ध्वज का प्रदर्शन इन्हीं प्रावधानों से नियंत्रित होता है।
—– प्लास्टिक के तिरंगे से पर्यावरण को भी नुकसान
अपर नगर आयुक्त ने बताया कि प्लास्टिक से बने झंडे इस्तेमाल के बाद अक्सर सड़कों, नालियों, कूड़े के ढेर और खुले स्थानों पर पड़े दिखाई देते हैं। प्लास्टिक आसानी से नष्ट नहीं होता। इससे शहर में प्लास्टिक कचरा बढ़ता है और सफाई व्यवस्था पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ता है। खुले में पड़े प्लास्टिक के झंडे नालियों में पहुंचकर जल निकासी में बाधा पैदा कर सकते हैं। वहीं, इन्हें खुले में जलाने पर प्रदूषण फैलने का खतरा रहता है।
उन्होंने दुकानदारों से अपील की कि राष्ट्रीय ध्वज से संबंधित सामग्री बेचते समय नियमों का पालन करें और प्लास्टिक के तिरंगे की बिक्री न करें। नगर निगम की टीमों द्वारा बाजारों में निरीक्षण कर ऐसे झंडों की बिक्री पर नजर रखी जाएगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर उपलब्ध कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
—– झंडे के सम्मान का भी रखें ध्यान
शिशिर कुमार ने कहा कि तिरंगा केवल सजावट की वस्तु नहीं, बल्कि देश की आन-बान-शान और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। गृह मंत्रालय के निर्देशों में भी क्षतिग्रस्त या अस्त-व्यस्त राष्ट्रीय ध्वज को प्रदर्शित नहीं करने और ध्वज की गरिमा बनाए रखने पर जोर दिया गया है।
उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि स्वतंत्रता दिवस पर कागज अथवा नियमों के अनुरूप सामग्री से बने राष्ट्रीय ध्वज का ही प्रयोग करें। समारोह समाप्त होने के बाद तिरंगे को सड़क, नाली, कूड़ेदान अथवा अन्य सार्वजनिक स्थानों पर न फेंकें। राष्ट्रीय ध्वज को सम्मानपूर्वक निजी तरीके से निस्तारित किया जाए, ताकि उसकी गरिमा बनी रहे। गृह मंत्रालय ने भी इस्तेमाल के बाद कागज के झंडों को जमीन पर न फेंकने और गरिमापूर्ण तरीके से निजी रूप से निस्तारित करने की सलाह दी है।
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“स्वतंत्रता दिवस पर हर नागरिक तिरंगे का सम्मान करे। प्लास्टिक से बने तिरंगे का इस्तेमाल न करें और समारोह के बाद तिरंगे को इधर-उधर न फेंकें। राष्ट्रीय ध्वज हमारे राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है, इसलिए उसकी गरिमा बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। दुकानदार भी प्लास्टिक के तिरंगे की बिक्री से पूरी तरह बचें, अन्यथा नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।”
— संतोष कुमार वैश्य , नगर आयुक्त, नगर निगम आगरा


