
आगरा। स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के अंतर्गत प्रस्तावित स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 को लेकर नगर निगम ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में नगर निगम सदन कक्ष में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य शहर को स्वच्छता रैंकिंग में शीर्ष स्थान दिलाने के लिए सभी विभागों और टीमों के बीच समन्वय स्थापित करना रहा। बैठक का नेतृत्व अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार ने किया।
इस दौरान हरीपर्वत जोन के अंतर्गत वार्ड संख्या-93 सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े सभी ज़ोनल सैनिटरी ऑफिसर , एसएफआई टीम तथा म्यूज़ फाउंडेशन के प्रतिनिधि मौजूद रहे। परियोजना प्रमुख ज्ञानेंद्र द्विवेदी के नेतृत्व में फाउंडेशन की टीम ने भी बैठक में सक्रिय सहभागिता निभाई।
इस दौरान अधिकारियों ने कहा कि 18 मई से आगरा में स्वच्छ सर्वेक्षण की प्रक्रिया शुरू हो रही है, ऐसे में सभी टीमों को पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा। बैठक में साफ-सफाई व्यवस्था, डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन, सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता, कूड़ा पृथक्करण, जनजागरूकता अभियान तथा नागरिक सहभागिता को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
अपर नगर आयुक्त ने निर्देश दिए कि शहर के प्रत्येक वार्ड में नियमित मॉनिटरिंग की जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि आगरा को स्वच्छता में नंबर वन बनाने के लिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को टीम भावना के साथ कार्य करना होगा।
सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम ने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण केवल एक प्रतियोगिता नहीं बल्कि शहर की छवि और नागरिकों की जिम्मेदारी से जुड़ा अभियान है। वहीं नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव वर्मा ने स्वास्थ्य और स्वच्छता के बीच संबंध पर जोर देते हुए सफाई व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए।
बैठक में यह भी तय किया गया कि स्वच्छता अभियान को जनआंदोलन का रूप देने के लिए विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे, ताकि नागरिक भी इसमें बढ़-चढ़कर भागीदारी निभा सकें।


