
—— 43 डिग्री तापमान में पौधों को जीवनदान, सुबह-शाम सिंचाई कर रहा नगर निगम
—– एसटीपी के शोधित पानी से हो रही सिंचाई
आगरा। भीषण हीटवेव और लगातार बढ़ते तापमान के बीच जहां आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है, वहीं शहर की हरियाली को बचाना भी नगर निगम के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। तेज धूप और 40 से 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहे तापमान के कारण सड़कों के किनारे और डिवाइडरों पर लगाए गए पेड़-पौधे तेजी से झुलस रहे हैं। ऐसे में नगर निगम ने हरियाली को बचाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है।
नगर निगम के आधा दर्जन से अधिक पानी के टैंकर प्रतिदिन सुबह छह बजे से नौ बजे तक और शाम को सूरज ढलने के बाद शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पौधों की सिंचाई कर रहे हैं। नगर निगम की टीमें डिवाइडरों और सड़क किनारे लगे पौधों को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने में जुटी हुई हैं ताकि तेज गर्मी के बीच हरियाली सुरक्षित रह सके।
नगर निगम द्वारा हाइवे के नीचे, फतेहाबाद रोड, अर्जुन नगर गेट, अजित नगर गेट, एमजी रोड, ताज रोड, जमुना किनारा रोड और सिकंदरा-बोदला रोड सहित शहर के कई प्रमुख मार्गों पर बड़े स्तर पर पौधारोपण कर हरियाली विकसित की गई है। वर्तमान में इन्हीं पौधों को बचाने के लिए विशेष निगरानी की जा रही है।
सह प्रभारी उद्यान एवं सहायक लेखाधिकारी विपिन यादव ने बताया कि अत्यधिक तापमान के कारण पौधों को सुरक्षित रखना चुनौतीपूर्ण हो गया है, लेकिन नगर निगम लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने बताया कि सिंचाई के लिए साफ पेयजल के बजाय धांधूपुरा एसटीपी पर शोधित किए गए पानी का उपयोग किया जा रहा है, जिससे पानी की बचत भी हो रही है और पौधों को पर्याप्त सिंचाई मिल रही है।
उन्होंने बताया कि मौजूदा भीषण गर्मी को देखते हुए फिलहाल एक माह के लिए नए पौधारोपण कार्यों पर रोक लगा दी गई है। जून माह में मानसून की शुरुआत के बाद दोबारा बड़े स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाया जाएगा।
—- नगर आयुक्त का वर्जन:
नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने कहा कि नगर निगम शहर की हरियाली को बचाने के लिए पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है। हीटवेव के दौरान पौधों की नियमित सिंचाई कराई जा रही है और जहां आवश्यकता है वहां अतिरिक्त टैंकर भी लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और शहर को हरा-भरा बनाए रखना नगर निगम की प्राथमिकताओं में शामिल है।


