कान्हा गौशाला संचालन बंद करने पर सख्त एक्शन, फर्म को नोटिस,  लापरवाही पर शिकंजा: भुगतान रोका, ब्लैकलिस्टिंग की चेतावनी

Press Release उत्तर प्रदेश

आगरा। नगर निगम प्रशासन ने नरायच स्थित कान्हा गौशाला के संचालन में लापरवाही बरतने और अचानक कार्य बंद करने के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। गौशाला संचालक शिवांश फाउंडेशन के अध्यक्ष इन्द्रेश प्रताप सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए निगम ने देयकों का भुगतान तत्काल प्रभाव से रोक दिया है और फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी दी है।
अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार के अनुसार संस्था द्वारा 20 अप्रैल से गौशाला संचालन बंद करने की सूचना नगर निगम प्रशासन को सुबह देकर शाम को गौशाला का संचालन बंद कर दिया था। अचानक संचालन बंद करने से गौशाला में संरक्षित गौवंश के संरक्षण और देखरेख पर गंभीर प्रभाव पड़ा है। यह मामला शासन की प्राथमिकताओं से जुड़ा होने के कारण इसे गंभीरता से लिया गया है। बताया कि इससे पहले भी गौशाला के संचालन में लगातार अनियमितताएं सामने आती रही हैं। पूर्व में नगर आयुक्त द्वारा किए गए निरीक्षणों में पाया गया था कि गौवंश के लिए पर्याप्त भूसा, चारा और चोकर उपलब्ध नहीं था। साथ ही कर्मचारियों की कमी, स्टॉक रजिस्टर का अभाव और पशुओं की उचित देखरेख न होने जैसी गंभीर खामियां भी उजागर हुई थीं। इस पर नगर आयुक्त ने गौशाला में चारे की व्यवस्था प्रवतन दल की देखरेख में कराने के निर्देश दिए थे। इन कमियों को लेकर पूर्व में भी संस्था को नोटिस जारी किए गए, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
ताजा निरीक्षण में भी हालात चिंताजनक पाए गए। सुबह के समय गौवंश को समय पर चारा नहीं दिया गया और अधिकांश कर्मचारी अनुपस्थित मिले। इससे साफ है कि संस्था द्वारा अनुबंध की शर्तों का लगातार उल्लंघन किया जा रहा था।
इन परिस्थितियों को देखते हुए नगर निगम ने सख्त कार्रवाई करते हुए संस्था के भुगतान पर रोक लगा दी है और पांच दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो एकपक्षीय कार्रवाई करते हुए फर्म को ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा।
—– आरोप निराधार —
शिलांग फाउंडेशन के अध्यक्ष इंद्रेश प्रताप सिंह द्वारा नगर निगम से नियुक्त पशु चिकित्सा यशपाल सिंह, गेटमैन शिवराम, गार्ड आर बी चाहर, पवन यादव, राजकुमार आदि पर चोरी छुपे गायों की बिक्री करने, जान से मारने की धमकी और अभद्रता करने के जो आरोप लगाते गये गये हैं वे निराधार हैं। नगर निगम की ओर से भी पुलिस अधिकारियों को घटना से संबंधित साक्ष्य उपलब्ध करायें गये हैं।

— नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल का वर्जन:

नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने कहा कि “कान्हा गौशालाओं का सुचारू संचालन शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। किसी भी प्रकार की लापरवाही या गौवंश के संरक्षण में कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित संस्था के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जा रही है और वैकल्पिक व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है, ताकि गौवंश की देखभाल प्रभावित न हो।”

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