—— कमियों में सुधार और श्रम कानूनों का पालन न करने पर ब्लैक लिस्ट करने की चेतावनी
—– सहायक नगरआयुक्त के निरीक्षण के दौरान मिली भारी अनियमितताएं
आगरा। नगर निगम द्वारा सार्वजनिक शौचालयों के संचालन में पाई गई गंभीर अनियमितताओं को लेकर ठेकेदार फर्म मैसर्स एन एन आई प्रमोशंस कानपुर को निगम प्रशासन की ओर से कड़ा नोटिस जारी किया गया है। यह कार्रवाई नगर निगम क्षेत्र में संचालित सार्वजनिक शौचालयों के निरीक्षण के बाद की गई है, जिसमें स्वच्छता, रख-रखाव और श्रम कानूनों के व्यापक उल्लंघन सामने आए हैं।
सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम ने बताया कि निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि सार्वजनिक शौचालयों में नियमित और संतोषजनक साफ-सफाई नहीं की जा रही है। कई शौचालय परिसरों में गंदगी, दुर्गंध, मकड़ी के जाले तथा टूट-फूट की स्थिति पाई गई, जबकि आवश्यक मरम्मत कार्य भी नहीं कराया गया था। सफाई के लिए जरूरी सामग्री जैसे फिनाइल, हार्पिक और हैंडवॉश की अनुपलब्धता भी सामने आई।
यह भी सामने आया कि सफाई उपकरण वाइपर, बाल्टी और मग टूटे हुए और अनुपयोगी हालत में थे। उपयोगकर्ताओं के लिए हैंडवॉश की नियमित व्यवस्था नहीं की गई थी, जो स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के दिशा-निर्देशों का सीधा उल्लंघन है।
उन्होंने बताया कि सबसे गंभीर मामला सफाई कर्मचारियों और केयरटेकरों के वेतन से जुड़ा पाया गया। कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें मात्र ₹4000 प्रतिमाह वेतन दिया जा रहा है, जो कि न्यूनतम मजदूरी अधिनियम 1948, मजदूरी संहिता 2019 और संविदा श्रम अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है। इसके साथ ही कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए कोई उपस्थिति रजिस्टर भी संधारित नहीं किया गया।
इन सभी अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए फर्म को तीन दिन के भीतर सभी कमियों को दूर करने, कर्मचारियों की वेतन पर्ची, आधार कार्ड की सत्यापित प्रतियां, न्यूनतम मजदूरी के अनुरूप भुगतान का प्रमाण और उपस्थिति रजिस्टर सहित साफ-सफाई से संबंधित अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि निरीक्षण में मिली गड़बड़ियों की विस्तृत आख्या अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार और नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल को कार्रवाई हेतु भेज दी गई है। यदि निर्धारित समयावधि में संतोषजनक सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो नगर निगम द्वारा अनुबंध के तहत अर्थदंड, अनुबंध निरस्तीकरण, फर्म को ब्लैकलिस्ट करने और श्रम विभाग को संदर्भित करने जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी। उनका कहना है कि इस प्रकार की लापरवाही से न केवल आमजन को असुविधा होती है, बल्कि स्वच्छ सर्वेक्षण-2025 में नगर निगम आगरा की रैंकिंग और सार्वजनिक छवि पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


