
डेढ़ दर्जन टैंकरों से सड़कों पर दिन में तीन बार पानी का छिड़काव, सात मैकेनिकल मशीनें कर रहीं सफाई
मेट्रो निर्माण स्थलों पर धूल रोकने के लिए जारी किया पत्र
आगरा। शहर में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए नगर निगम प्रशासन ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। धूल और धुएं से होने वाले प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए करीब डेढ़ दर्जन पानी के टैंकर सड़कों पर उतारे गए हैं। ये टैंकर प्रतिदिन तीन बार शहर के प्रमुख मार्गों पर पानी का छिड़काव कर रहे हैं, जिससे सड़कों पर उड़ने वाली धूल को कम किया जा सके। इसके साथ ही सात मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनों को भी सफाई कार्य में लगाया गया है। ये मशीनें प्रमुख सड़कों और मार्गों की सफाई कर धूल के कणों को हटाने में जुटी हैं।
नगर निगम प्रशासन की ओर से वायु प्रदूषण के प्रमुख कारणों में शामिल सड़क की धूल और निर्माण कार्यों से निकलने वाले मलबे पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इसके तहत शहर में गड्ढा मुक्ति अभियान चलाया जा रहा है। सड़कों पर बने गड्ढों को भरने के साथ क्षतिग्रस्त हिस्सों को दुरुस्त करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि वाहनों की आवाजाही के दौरान धूल न उड़े और यातायात भी सुचारु बना रहे।
शहर के विभिन्न हिस्सों में मेट्रो रेल कॉरपोरेशन की ओर से कराए जा रहे निर्माण कार्य भी वायु प्रदूषण की दृष्टि से चुनौती बने हुए हैं। निर्माण स्थलों पर उड़ने वाली धूल और निर्माण सामग्री के खुले में रखे होने से आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण बढ़ने की आशंका बनी रहती है। इसे देखते हुए नगर निगम प्रशासन ने मेट्रो रेल कॉरपोरेशन को पत्र जारी कर सभी निर्माण स्थलों पर वायु प्रदूषण नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। निर्माण स्थलों पर नियमित पानी का छिड़काव करने, निर्माण सामग्री को ढककर रखने और धूल को बाहर फैलने से रोकने जैसे उपाय सुनिश्चित करने को कहा गया है।
गौरतलब है कि पर्यावरण विभाग की ओर से भी मेट्रो रेल कॉरपोरेशन को इस संबंध में पहले ही नोटिस जारी किया जा चुका है। इसके बावजूद निर्माण स्थलों पर प्रदूषण नियंत्रण के उपायों की नियमित निगरानी जरूरी मानी जा रही है।
नगर निगम के पर्यावरण अभियंता पंकज भूषण के अनुसार, शहर में वायु प्रदूषण को नियंत्रित रखने के लिए विभागीय अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं। प्रमुख मार्गों पर पानी का छिड़काव, मैकेनिकल स्वीपिंग और सड़कों की मरम्मत जैसे कार्य कराए जा रहे हैं। साथ ही निर्माण कार्यों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए संबंधित एजेंसियों को भी आवश्यक निर्देश दिए जा रहे हैं।
नगर आयुक्त का वर्जन—–
नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने बताया कि शहर में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करना नगर निगम की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए पानी के टैंकरों से नियमित छिड़काव, मैकेनिकल स्वीपिंग और सड़कों को गड्ढामुक्त करने का अभियान चलाया जा रहा है। सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रदूषण नियंत्रण के उपायों में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए। निर्माण एजेंसियों को भी अपने कार्यस्थलों पर निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रदूषण नियंत्रण के इंतजाम सुनिश्चित करने होंगे।


