—– नगर आयुक्त ने मांगी जीपीएस फोटो व समाधान रिपोर्ट, एक सप्ताह में निरीक्षण कर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश
आगरा। आगामी मानसून को देखते हुए नगर निगम प्रशासन ने शहर में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। नगर आयुक्त के निर्देश पर एसएफआई, सीएसएफआई और जोनल स्वच्छता अधिकारियों (जेडएसओ) के माध्यम से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में 100 से अधिक संभावित जलभराव स्थलों का चिन्हांकन कराया गया है। प्रारंभिक सर्वेक्षण में कई स्थानों पर नाला-नालियों के निर्माण, सीवर कनेक्शन, सड़क निर्माण, सड़क ऊंची करने तथा पुलिया निर्माण जैसी आवश्यकताओं को चिह्नित किया गया है।
नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने इन सभी स्थलों की जीपीएस युक्त फोटोग्राफ और समस्या के समाधान संबंधी विस्तृत विवरण तलब किया है। इसके साथ ही निर्माण विभाग एवं सीवर विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे एक सप्ताह के भीतर संबंधित स्थलों का मौके पर निरीक्षण कर अपनी आख्या उपलब्ध कराएं।
नगर आयुक्त ने कहा है कि जिन स्थानों पर छोटे स्तर के कार्यों से जलभराव की समस्या का समाधान संभव है और जहां तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता है, वहां बिना विलंब के प्राक्कलन (एस्टीमेट) तैयार कर कार्य शुरू कराया जाए। वहीं जिन क्षेत्रों में बड़े स्तर के निर्माण कार्य, व्यापक योजना या दीर्घकालिक रणनीति की आवश्यकता है, उनके लिए अलग से कार्ययोजना तैयार की जाए ताकि भविष्य में स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार चिन्हित स्थलों पर प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर प्राथमिकता तय की जाएगी और आवश्यकतानुसार विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर कार्य कराए जाएंगे। प्रशासन का उद्देश्य है कि वर्षा ऋतु के दौरान शहरवासियों को जलभराव की समस्या का सामना न करना पड़े और प्रमुख मार्गों तथा आवासीय क्षेत्रों में सुचारु यातायात एवं जनजीवन बना रहे।
नगर आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि निरीक्षण रिपोर्ट में केवल समस्या का उल्लेख ही नहीं, बल्कि उसके व्यावहारिक एवं स्थायी समाधान का स्पष्ट प्रस्ताव भी शामिल किया जाए। नगर निगम आगामी दिनों में इन रिपोर्टों के आधार पर अल्पकालिक और दीर्घकालिक दोनों प्रकार की कार्ययोजनाएं लागू करेगा, जिससे शहर में जलनिकासी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।इन स्थानों में 42 ऐसे स्थान हैं जहां पर मड पंप लगा कर नगर निगम द्वारा जलभराव की समस्या का समाधान किया जाता है ।


