—- नगर आयुक्त ने सड़क धंसने की घटनाओं पर एक सप्ताह में मांगी सर्वे रिपोर्ट, अधिकारियों के साथ मौके का निरीक्षण
—- भविष्य में सड़क आदि धंसने से होने वाली जनहानि के लिए कार्यदाई संस्था सीधे होगी जिम्मेदार
आगरा। शहर में सीवर एवं वाटर लाइन लीकेज के कारण सड़कों के धंसने और गड्ढे बनने की बढ़ती घटनाओं को नगर निगम प्रशासन ने गंभीरता से लिया है।नगर आयुक्त ने अधिकारियों के साथ मौके का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश अधिशासी अभियंता जल कल संघ भूषण को दिए। कर्मयोगी एन्क्लेव, कमला नगर के समीप सीवर और वाटर लाइन लीकेज के कारण सड़क धंसने की घटना के बाद नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने जलकल विभाग को कड़े निर्देश जारी करते हुए तत्काल सुधारात्मक और सुरक्षात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं।
यह जानकारी देते हुए नगर आयुक्त ने बताया कि कर्मयोगी चौराहे के समीप सीवर और वाटर लाइन में रिसाव के चलते सड़क का एक हिस्सा धंस गया था, जिससे क्षेत्र में आवागमन प्रभावित होने के साथ ही दुर्घटना का खतरा भी उत्पन्न हो गया था। संयोगवश इस दौरान कोई जनहानि अथवा बड़ा हादसा नहीं हुआ, लेकिन स्थिति को देखते हुए इसे गंभीर सुरक्षा जोखिम माना गया है।
घटना के बाद जलकल विभाग को तत्काल प्रभाव से क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत कराने तथा पूरे क्षेत्र को सुरक्षित बनाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मरम्मत कार्य पूरा होने तक मौके पर पर्याप्त बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और रात्रिकालीन प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को किसी प्रकार की असुविधा या दुर्घटना का सामना न करना पड़े।
नगर निगम प्रशासन ने केवल एक स्थान तक कार्रवाई सीमित न रखते हुए शहरभर में सीवर और वाटर लाइन नेटवर्क की स्थिति की समीक्षा करने का निर्णय लिया है। इसके तहत नगर निगम सीमा क्षेत्र में संचालित सभी सीवर और जलापूर्ति लाइनों का विशेष सर्वे कराया जाएगा। सर्वे के दौरान जहां कहीं भी पाइपलाइन लीकेज, सड़क धंसने, गड्ढे बनने अथवा मार्ग क्षतिग्रस्त होने की स्थिति पाई जाएगी, वहां तत्काल मरम्मत और आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय किए जाएंगे।
नगर आयुक्त ने जलकल विभाग को निर्देशित किया है कि सर्वे पूरा होने के बाद चिन्हित स्थलों की सूची, प्रत्येक स्थल पर कराई गई मरम्मत, अपनाए गए सुरक्षा उपायों तथा फोटोग्राफ सहित विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराई जाए।
प्रशासन ने इस मामले में जवाबदेही भी तय कर दी है। स्पष्ट किया गया है कि भविष्य में यदि सीवर या वाटर लाइन लीकेज के कारण सड़क धंसने अथवा क्षतिग्रस्त होने की स्थिति उत्पन्न होती है और समय पर मरम्मत या पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था न होने के कारण कोई दुर्घटना या जनहानि होती है, तो संबंधित अधिकारी और कार्यदायी संस्था इसके लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार माने जाएंगे तथा उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं दूसरी ओर बवाग ने सड़क पर मिट्टी आदि डालकर कर गड्ढे को भर दिया है जिससे यातायात में किसी प्रकार की वाधा उत्पन्न न हो। रात में लीकेज लाइन को सही कराने का कार्य किया जाएगा।


