उत्तर प्रदेश में तैयार वालीबाल की नर्सरी का पलायन रुका

Exclusive उत्तर प्रदेश
शुक्रवार को एकलव्य स्टेडियम में उप्र वालीबाल संघ के सचिव एस के तिवारी से वार्ता करते वरिष्ठ खेल पत्रकार एल एस बघेल।

एल एस बघेल आगरा,30 जनवरी। उत्तर प्रदेश में तैयार वालीबाल की नर्सरी यूथ तक आते-आते यहां से पलायन कर जाती थी। जिससे सीनियर लेबल पर यूपी की टीम को अपने ही साथी खिलाड़ियों से भिड़ना पड़ता था जोकि अन्य प्रदेशों की टीम से खेलते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं है। सरकार के प्रयासों से हमारे छात्रावासो में तैयार नर्सरी का पलायन अब काफी हद तक रुक गया है। ये कहना है उत्तर प्रदेश वालीबाल एसोसिएशन के सचिव सुनील कुमार तिवारी का। वे यहां एकलव्य स्टेडियम में अखिल भारतीय आमंत्रण वालीबाल प्रतियोगिता का पर्यवेक्षण करने आये हैं। इसी दौरान आज बातचीत में उन्होंने कहा कि हम मिनी से लेकर यूथ तक पदक जीत जाते हैं।इसके पश्चात सीनियर वर्ग में पदक नहीं जीत पाते। इसका कारण यह था कि यूथ तक आते-आते हमारे खिलाड़ी रोजगार की तलाश में अन्य प्रदेशों के लिये पलायन कर जाते थे। इसलिये सीनियर वर्ग में हमें अपने ही सिखाये खिलाड़ियों से भिड़ना पड़ता था। लेकिन अब ऐसा नहीं है। हमारी सरकार खिलाड़ियों को रोजगार दे रही है।
श्री तिवारी का कहना है कि प्रदेश में मौजूदा सरकार जो सुविधाएं खिलाड़ियों को दे रही है,वह अभिनंदन के योग्य हैं। पुलिस समेत कई विभागों में होनहार खिलाड़ियों को नौकरी दी जा रही है। जिसके कारण यूपी से खिलाड़ियों का पलायन काफी हद तक रुका है। इसका परिणाम है कि हाल ही में 4 से 11 जनवरी तक बनारस में हुई राष्ट्रीय वालीबाल प्रतियोगिता में यूपी की महिला खिलाड़ी टीम क्वार्टरफाइनल तक पहंचीं। जबकि पुरुष खिलाड़ियों की टीम प्रीक्वार्टरफाइनल तक पहुंची। ऐसा कई साल बाद हुआ है। यूपी वालीबाल सचिव का कहना है कि 1975 में यूपी ने राष्ट्रीय सीनियर वालीबाल में स्वर्ण पदक जीता था। इसके पश्चात अब लगभग 50 साल बाद सीनियर नेशनल के क्वार्टर और प्री क्वार्टर तक हमारी टीमें पहुंची हैं।
श्री तिवारी भारतीय वालीबाल संघ के पूर्व में कोषाध्यक्ष भी रहे हैं। वे बताते हैं कि वर्ष 2025 में थाईलैंड में हुई अंडर-16 एशियन वालीबाल चैंपियनशिप में भारत ने कांस्य पदक जीता था। इस टीम में भी यूपी के पांच खिलाड़ी खेलकर आये हैं। उन्होंने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में वालीबाल के लंबे और अच्छे खिलाड़ी निकलकर आ रहे हैं। प्रदेश में वालीबाल के पांच हास्टल अयोध्या,मैनपुरी,प्रयागराज,देवरिया और आजमगढ़ में हैं। इनसे वालीबाल की अच्छी नर्सरी तैयार हो रही है। जो आगे चलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीयस्तर पर परचम लहराएगी।

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