हर घंटे डीजल स्टाक की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश

Press Release उत्तर प्रदेश

—- नगर आयुक्त ने किया एम एंड टी का निरीक्षण,खर्च में कटौती और पारदर्शिता पर नगर आयुक्त का फोकस
—-डीजल निर्गत से वाहन मरम्मत तक हर व्यवस्था होगी जवाबदेह, अनियमितता पर कर्मचारियों की छंटनी भी संभव

आगरा। नगर निगम में अनावश्यक खर्च पर लगाम लगाने और संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने मैकेनिकल एंड ट्रांसपोर्ट (एमएंडटी) विभाग की कार्यप्रणाली पर सख्त रुख अपनाया है। नगर आयुक्त ने आज सोमवार को अधिकारियों के साथ एमएंडटी विभाग का निरीक्षण किया । इस दौरान डीजल निर्गत व्यवस्था, स्टॉक प्रबंधन और वाहनों की मरम्मत प्रक्रिया की बारीकी से जांच की गई। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त के साथ अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार और सहायक नगरआयुक्त अशोक प्रिय गौतम भी उपस्थित थे।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने यह परखा कि डीजल किस प्रक्रिया के तहत निर्गत किया जाता है, किस अधिकारी या कर्मचारी की जिम्मेदारी है और उसका रिकॉर्ड किस प्रकार रखा जा रहा है। इसके साथ ही डीजल स्टॉक रजिस्टर की जांच की गई तथा निगम के स्टोरेज में डिप डालकर उपलब्ध डीजल का भौतिक सत्यापन कराया गया। नगर आयुक्त ने स्टॉक रजिस्टर का नया प्रारूप लागू करने के निर्देश दिए हैं, ताकि डीजल की आवक-जावक और शेष स्टॉक का सटीक एवं पारदर्शी रिकॉर्ड रखा जा सके।
नगर आयुक्त ने निर्देश दिए हैं कि अब डीजल स्टॉक की हर घंटे की रिपोर्ट तैयार की जाए, जिससे किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता पर तत्काल नजर रखी जा सके। इसके अलावा निगम के वाहनों के खराब होने से लेकर उनकी मरम्मत पूरी होने तक की पूरी प्रक्रिया का भी परीक्षण किया गया, ताकि अनावश्यक देरी और फिजूल खर्ची पर रोक लगाई जा सके।
नगर आयुक्त ने सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम को निर्देशित किया है कि डीजल निर्गत व्यवस्था और वाहन मरम्मत प्रणाली में किन-किन सुधारों की आवश्यकता है, इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करें। रिपोर्ट के आधार पर विभागीय व्यवस्था में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे।
इसी क्रम में जल्द ही अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार, एमएंडटी चीफ, सहायक नगर आयुक्त, जोनल स्वच्छता अधिकारी (जेडएसओ) एवं वाहन प्रभारियों की संयुक्त समीक्षा बैठक बुलाई जाएगी। बैठक में प्रत्येक वाहन पर हुए खर्च, डीजल की खपत, मरम्मत पर आए व्यय और नए प्रारूप में तैयार स्टॉक रजिस्टर की बिंदुवार समीक्षा होगी। जिन वाहनों पर आवश्यकता से अधिक खर्च सामने आएगा, उनके कारणों की भी जवाबदेही तय की जाएगी।
नगर आयुक्त ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि नगर निगम के खर्च को कम करने और कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि समीक्षा में डीजल निर्गत व्यवस्था या एमएंडटी कार्यशाला में अनियमितता अथवा आवश्यकता से अधिक कार्मिक पाए जाते हैं, तो कर्मचारियों की छंटनी या पुनर्व्यवस्था जैसे कड़े निर्णय भी लिए जा सकते हैं। नगर निगम की प्राथमिकता कम खर्च में अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था स्थापित करना है।

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