—– नगर आयुक्त ने ली सेवा प्रदाता कंपनियों की बैठक
—– शौचालयों से लेकर कूड़ा उठान तक की नगर आयुक्त ने परखी व्यवस्था, एजेंसियों को सख्त निर्देश
आगरा। शहर में सफाई व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम प्रशासन ने निजी सेवा प्रदाता एजेंसियों के कामकाज की समीक्षा शुरू कर दी है। शुक्रवार को नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सामुदायिक शौचालयों के संचालन, मैकेनाइज्ड स्वीपिंग, अंडरग्राउंड डस्टबिनों के रखरखाव और घर-घर से कूड़ा संग्रहण की व्यवस्था की समीक्षा की गई। नगर आयुक्त ने एजेंसियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि काम में लापरवाही और अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में नगर निगम के माध्यम से संचालित होने वाली नागरिक सुविधाओं और निजी एजेंसियों को सौंपे गए कार्यों की जमीनी स्थिति पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने सेवाओं के संचालन, रखरखाव और कार्यों की गुणवत्ता से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की। नगर आयुक्त ने कहा कि शहरवासियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए केवल कागजों पर काम दिखाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि मौके पर भी सेवाओं का प्रभावी संचालन सुनिश्चित होना चाहिए।
—- नियमित निगरानी और स्थलीय सत्यापन के निर्देश
नगर आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि निजी एजेंसियों के कार्यों की नियमित निगरानी की जाए। सामुदायिक शौचालयों की साफ-सफाई और रखरखाव, मैकेनाइज्ड स्वीपिंग के जरिए सड़कों की सफाई, अंडरग्राउंड डस्टबिनों की व्यवस्था और डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण की स्थिति का स्थलीय सत्यापन कराया जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि एजेंसियां अनुबंध और निर्धारित सेवा मानकों के अनुसार काम कर रही हैं या नहीं।
उन्होंने कहा कि जहां भी कार्यों में कमी या लापरवाही सामने आए, वहां संबंधित एजेंसी की जवाबदेही तय करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाए। अधिकारियों को सेवाओं की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और कमियों को समय रहते दूर कराने के निर्देश दिए गए।
बैठक में अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार, उप नगर आयुक्त डॉ सरिता सिंह,सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम, श्रद्धा पांडेय,नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ संजीव वर्मा, लेखाधिकारी विपिन यादव , पर्यावरण अभियंता पंकज भूषण,पशु कल्याण अधिकारी डॉक्टर अजय कुमार सिंह सहित तमाम अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। नगर निगम प्रशासन का कहना है कि शहर में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने और नागरिक सुविधाओं के स्तर में सुधार के लिए निजी एजेंसियों के कार्यों की निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।


