सदर तहसील सभागार में कुंडौल की दो संपत्तियां सार्वजनिक बोली में शामिल, 4.5 लाख और 10 लाख बकाये पर होगी संपत्ति नीलाम
आगरा. 30.04.2026/उप जिलाधिकारी सदर सचिन राजपूत ने अवगत कराया है कि भूमि व अन्य अचल संपत्तियों की बिक्री हेतु न्यायालय के आदेशानुसार एक महत्वपूर्ण नीलामी की घोषणा की गई है। जिसके अनुसार श्री कल्याण सिंह (पुत्र गुलाब सिंह), निवासी विजय मोहल्ला, कुंडौल, आगरा द्वारा बकाया राशि का भुगतान न किए जाने के कारण उनकी संपत्ति की नीलामी की कार्रवाई की जा रही है। जिसकी संपत्ति का विवरण-
मौजा: कुंडौल, तहसील एवं जिला आगरा
खाता संख्या: 00866, गाटा संख्या: 1807, रकबा: 0.0600 हेक्टेयर तथा बकाया राशि का विवरण- भू-राजस्व/बैंक देय के रूप में वसूली योग्य राशि: ₹4,55,317/-, कुर्की निष्पादन व्यय: ₹25.00, कुल योग: ₹4,55,342/- बकाया है, साथ ही संबंधित व्यक्ति श्री सुरेन्द्रपाल सिंह (पुत्र श्री कुशमान सिंह), निवासी बांस महापत, पोस्ट कुंडौल, आगरा द्वारा बकाया भुगतान न किए जाने के कारण उनकी भी संपत्ति को नीलामी हेतु अधिसूचित किया गया है, संपत्ति का विवरण- मौजा: कुंडौल, तहसील एवं जिला आगरा, खाता संख्या: 00971, गाटा संख्या: 1484, रकबा: 0.1030 हेक्टेयर हेतु बकाया राशि का विवरण-भू-राजस्व/बैंक देय के रूप में वसूली योग्य राशि: ₹10,03,540/-
कुर्की निष्पादन व्यय: ₹25.00
कुल योग: ₹10,03,565/- देनदारी को न्यायालय के आदेश के अनुपालन में यह निर्णय लिया गया है कि उक्त व्यक्ति द्वारा बकाया भुगतान में असफल रहने पर उसकी भूमि/अन्य अचल संपत्तियों को नीलामी हेतु प्रस्तुत किया जाएगा।
उन्होंने सर्वसाधारण को सूचित करते हुए अवगत कराया है कि संबंधित संपत्तियों की नीलामी सार्वजनिक बोली के माध्यम से दिनांक 28/05/2026 को प्रातः 11:30 बजे तहसील सभागार (नीलामी स्थल) पर की जाएगी।
उन्होंने आगे यह भी अवगत कराया है कि नीलामी की प्रमुख शर्तें एवं नियम यथा – नीलामी में सर्वाधिक बोली लगाने वाले व्यक्ति को, विधिक रूप से सक्षम पाए जाने पर, संबंधित संपत्ति का क्रेता घोषित किया जाएगा। सफल बोलीदाता को बोली राशि का 25 प्रतिशत भाग तत्काल नकद अथवा बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से जमा करना होगा। असफल रहने की स्थिति में संपत्ति पुनः नीलाम की जाएगी।
शेष धनराशि का भुगतान नीलामी की तिथि से पंद्रहवें दिन या उससे पूर्व, उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 की धारा 190 के अंतर्गत निर्दिष्ट प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा। यदि अवशेष धनराशि समय पर जमा नहीं की जाती है, तो जमा की गई अग्रिम राशि राज्य सरकार द्वारा जब्त कर ली जाएगी।
यदि नीलामी से पूर्व बकाया राशि का पूर्ण भुगतान कर दिया जाता है, तो नीलामी की कार्यवाही स्थगित कर दी जाएगी।
विक्रय की पुष्टि उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 194 के अधीन की जाएगी।
सभी इच्छुक व्यक्ति निर्धारित तिथि एवं समय पर उपस्थित होकर नीलामी प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं।


