—– बाबरपुर, ककरैठा और सुल्तानगंज कर्बला में कार्रवाई पूरी, कई और इलाकों में जमीनों को चिह्नित कर रहा निगम
आगरा। नगर निगम की खाली पड़ी जमीनों पर कब्जे की कोशिश करने वालों की अब खैर नहीं। शहर में खाली पड़ी निगम की भूमि को भू-माफिया से बचाने के लिए नगर निगम प्रशासन ने अभियान तेज कर दिया है। निगम की ऐसी जमीनों को चिह्नित कर मौके पर स्वामित्व संबंधी बोर्ड लगाए जा रहे हैं, ताकि किसी भी व्यक्ति के लिए यह भ्रम न रहे कि संबंधित भूमि किसी निजी व्यक्ति की है। बाबरपुर, ककरैठा और सुल्तानगंज कर्बला के पास निगम की जमीन पर स्वामित्व के बोर्ड गड़वाने की कार्रवाई पूरी की जा चुकी है।
सहायक नगर आयुक्त श्रद्धा पांडेय ने बताया कि शहर में कई स्थानों पर नगर निगम की जमीन खाली पड़ी है। लंबे समय तक खाली रहने वाली ऐसी जमीनों पर भू-माफिया की नजर बनी रहती है और मौका मिलते ही कब्जे अथवा जमीन के स्वरूप में बदलाव की कोशिश की जा सकती है। इसी को देखते हुए निगम प्रशासन ने अपनी संपत्तियों को मौके पर ही चिह्नित करने का निर्णय लिया है। इसके तहत जमीनों पर नगर निगम के स्वामित्व का बोर्ड लगाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि बाबरपुर, ककरैठा और सुल्तानगंज कर्बला के पास कार्रवाई पूरी हो चुकी है। इसके बाद अब छलेसर, मुस्तकिल, दहतोरा, चमरौली और तोरा में निगम की खाली जमीनों पर बोर्ड लगाए जाएंगे। संबंधित स्थानों पर जमीन को चिह्नित कर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
—- जमीन खाली मिली तो कब्जे की कोशिश भी होगी चिह्नित
निगम प्रशासन का फोकस अब केवल अतिक्रमण हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि कब्जा होने से पहले ही अपनी जमीन को सुरक्षित करने पर है। स्वामित्व संबंधी बोर्ड लगने के बाद मौके पर जमीन की पहचान स्पष्ट रहेगी। इससे भविष्य में किसी व्यक्ति द्वारा निगम की भूमि पर कब्जा करने या निर्माण करने का प्रयास किए जाने पर कार्रवाई का आधार भी मजबूत होगा।
—- निगम की संपत्ति पर नजर रखने के निर्देश
सहायक नगर आयुक्त के अनुसार निगम की जमीनों को सुरक्षित रखने के लिए चिह्नांकन और बोर्ड लगाने की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जा रहे हैं कि चिह्नित भूमि पर दोबारा किसी तरह का अतिक्रमण न होने पाए। जहां भी निगम की भूमि पर कब्जे की कोशिश सामने आएगी, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
—- खाली जमीनों की निगरानी पर जोर
नगर निगम प्रशासन का मानना है कि जमीन पर स्वामित्व का बोर्ड लगाना केवल पहचान बताने की कार्रवाई नहीं, बल्कि सरकारी संपत्ति को कब्जे से बचाने की पहली सुरक्षा व्यवस्था है। शहर में निगम की अन्य खाली संपत्तियों को भी चिह्नित कर उन्हें इसी तरह सुरक्षित किए जाने की योजना है। इससे एक ओर निगम की संपत्तियों का संरक्षण होगा, वहीं दूसरी ओर भविष्य में जमीन संबंधी विवाद और अवैध कब्जे की शिकायतों पर भी प्रभावी तरीके से कार्रवाई की जा सकेगी।
नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने कहा है कि “नगर निगम की एक-एक इंच भूमि महत्वपूर्ण है। किसी भी कीमत पर निगम की संपत्ति पर अवैध कब्जा नहीं होने दिया जाएगा। खाली पड़ी जमीनों को चिह्नित कर स्वामित्व संबंधी बोर्ड लगाए जा रहे हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि निगम की संपत्तियों पर लगातार नजर रखें। जहां भी कब्जे की कोशिश या अतिक्रमण सामने आएगा, वहां तत्काल नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”


