आगरा। दरेसी नं. 3 आगरा स्थित दुकानें कई दशकों से स्थानीय व्यापार एवं हजारों लोगों की आजीविका का प्रमुख आधार हैं। इन दुकानों से जुड़े अनेक परिवार प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से अपना जीवन-यापन करते हैं। वर्तमान में इन दुकानों को ध्वस्त करने के आदेश से समस्त व्यापारियों एवं क्षेत्रवासियों में गहरी चिंता एवं असुरक्षा का वातावरण व्याप्त है। रेलवे ने यहां की 62 दुकानों को तोड़ने का आदेश दिया है। इनमें कुछ दुकानें छावनी परिषद की हैं।
उन्होंने मानवीय, सामाजिक एवं जनहित के दृष्टिकोण से उक्त ध्वस्तीकरण आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। इसके स्थान पर संबंधित दुकानदारों से ब्याज मुक्त किराया नियमानुसार वसूल किया जाए तथा उसकी ऑनलाइन रसीद उपलब्ध कराई जाए, जिससे सरकारी राजस्व भी नियमित रूप से प्राप्त होता रहे और वर्षों से व्यापार कर रहे दुकानदारों को भी राहत मिल सके।
साथ ही, दरेसी नं. 3 की दुकानों को नियमानुसार नियमित करते हुए भविष्य में फ्रीहोल्ड किए जाने की प्रक्रिया प्रारंभ करने की कृपा की जाए, ताकि व्यापारियों को स्थायी सुरक्षा प्राप्त हो तथा वे बिना किसी भय के अपना व्यापार जारी रख सकें। इस जनहित के विषय पर संवेदनशीलता एवं न्यायोचित दृष्टिकोण अपनाते हुए ऐसा निर्णय करेगा, जिससे सरकार के हित भी सुरक्षित रहें और वर्षों से व्यापार कर रहे परिवारों की रोज़ी-रोटी भी प्रभावित न हो। सैन्य संपदा अधिकारी यशपाल सिंह को ज्ञापन देने वालों में गिरिराज अग्रवाल जिला अध्यक्ष, दीपक शर्मा ,राजकुमार गुरनानी , मेघराज दियालानी, अनुराग गोयल, निखिल मत लानी, सोनी गुप्ता आदि मौजूद रहे


