बिल्डिंग निर्माता ने मलवा भर कर पाट दिया नाला, लगेगा भारी जुर्माना

Press Release उत्तर प्रदेश

—- पंप लगाकर अवरुद्ध नाले का पानी कर रहा लिफ्ट ; जलभराव से परेशान लोगों ने की थी शिकायत
—- नगर आयुक्त के निर्देश पर सहायक नगर आयुक्त मौके पर पहुंचे

आगरा। फतेहाबाद रोड पर टाटा ग्राउंड के सामने निर्माणाधीन बिल्डिंग के स्वामी ने अपनी सुविधा के लिए करीब 100 मीटर नाले को मिट्टी और मलबा डालकर पाट दिया। नाला बंद होने से जल निकासी बाधित हो गई और आसपास जलभराव की समस्या पैदा हो गई। कई स्थानों पर नाला क्षतिग्रस्त हो गया। परेशान लोगों की शिकायत पर नगर निगम प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराई। मौके पर नाला पाटे जाने की पुष्टि होने के बाद अब नगर निगम प्रशासन मिट्टी खोदाई से क्षतिग्रस्त नाले का आगणन तैयार कर भवन निर्माता को नोटिस भेजकर पैनाल्टी लगाएगा।
स्थानीय लोगों ने नगर निगम प्रशासन से शिकायत की थी कि टाटा ग्राउंड के सामने निर्माणाधीन बिल्डिंग के पास नाले का प्रवाह रोक दिया गया है। बारिश का पानी नाले से होकर निकलने के बजाय आसपास जमा हो रहा है। शिकायत मिलने पर नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम को मौके पर जाकर स्थिति का निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
सहायक नगर आयुक्त ने मौके पर पहुंचकर नाले का निरीक्षण किया। जांच में सामने आया कि निर्माणाधीन बिल्डिंग के सामने से गुजर रहे नाले के करीब100 मीटर हिस्से को बालू के बोरे और निर्माणाधीन भवन के मलबे से भरकर पाट दिया गया है। नाले का प्रवाह पूरी तरह सुचारु रखने के बजाय पंप से नाले के पानी को दूसरी ओर लिफ्ट किया जा रहा है। कई स्थानों पर नाला मिट्टी खोदने से क्षतिग्रस्त भी हो गया है।

—– बारिश में बढ़ सकती है परेशानी

अधिकारियों के मुताबिक नाले में आने वाले पानी को वाधित करने से बरसात के दौरान परेशानी बढ़ सकती है। पानी का प्रवाह बाधित होने से जलभराव की स्थिति बन रही है। बारिश के दौरान समस्या और गंभीर होने की आशंका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नाला बंद होने से आसपास रहने वाले लोगों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सहायक नगर आयुक्त ने निरीक्षण के बाद मामले को गंभीर मानते हुए भवन निर्माता के खिलाफ भारी जुर्माना लगाए जाने की संस्तुति नगर आयुक्त से की है। उन्होंने कहा है कि खुदाई की वजह से जहां भी नाला क्षतिग्रस्त हुआ है उसका आगणन तैयार कर निर्माणकर्ता पैनाल्टी नोटिस भेजा जाएगा। साथ ही नाले के अवरुद्ध हिस्से को जे सी बी से खुलवाकर जल निकासी व्यवस्था बहाल कराने के लिए कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि निजी निर्माण की सुविधा के लिए सार्वजनिक नाले को पाटकर जल निकासी व्यवस्था बाधित नहीं की जा सकती।

—– नगर आयुक्त का वर्जन

नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने कहा कि नाले को पाटकर जल निकासी बाधित करना गंभीर मामला है। मौके का निरीक्षण कराया गया है। यदि निर्माणकर्ता द्वारा नाले को अवरुद्ध किए जाने की पुष्टि हुई है तो नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नाले की जल निकासी व्यवस्था बहाल कराने के साथ ही दोषी के खिलाफ भारी जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।

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