बढ़ती गर्मी में जलाशयों से रहें सतर्क , बच्चों को नदी-तालाबों में स्नान से रोकें — जिलाधिकारी

Press Release उत्तर प्रदेश

डूबने की घटनाओं पर जिला प्रशासन अलर्ट, जिलाधिकारी ने जारी की जन-सुरक्षा अपील

आगरा 26/05/2026/जिलाधिकारी श्री मनीष बंसल जी ने बताया है कि प्रायः यह देखा गया है कि मई-जून में बढती गर्मी से राहत पानें हेतु बच्चे/किशोर घाटों/तालाबों/पोखरों/नदी आदि में स्नान करने के लिये जातेे है। स्नान करने के दौरान बच्चे/किशोर एवं अन्य व्यक्तियों की मृत्यु डूबने के कारण हो जाती है। प्रदेश में डूबने के कारण मृत्यु होने से कई परिवारों के चिराग बुझ गए हैं। यह स्थिति सम्बंधित परिवारों के लिए त्रासद हैं। इन बहुमूल्य जिन्दगियों को बचाने के लिए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण आगरा द्वारा अपील की जाती है- खतरनाक घाटों/तालाबों/गड्डों के किनारे न जायें न ही बच्चों को जाने दें, डूबते हुए व्यक्ति को धोती, साडी, रस्सी या बांस की सहायता से बचायें तथा तैरना नहीं जानते हों तो पानी में न जाएँ और सहायता के लिए पुकारें ,बच्चों को स्वीमिग पुल/तालाबों/गड्ढों/तेज पानी के बहाव में जानें से/स्नान करने से रोकें,बच्चों को पुल/पुलिया/उँचे टीलों से पानी में कूद कर स्नान करने से रोकें, यदि बहुत ही आवश्यक हो तो ही नदी के किनारे जायें, परंतु नदी में उतरते समय उसकी गहराई का ध्यान रखें,
गाँव/गलियों में डूबने की घटना होने पर आस-पास के लोग आपस में एकत्रित होकर ऐसी दुःखद घटना की चर्चा अवश्य करें, कि किस कारण से इस तरह की घटना हुई और ऐसा क्या किया जाए कि इस तरह की घटना फिर कभी न हो, नाव/ स्टीमर में बैठतें समय भी लाइफ जैकेट अवश्य पहनें। खराब मौसम में नाव/स्टीमर न कभी न बैठे। डूबे हुए व्यक्ति को पानी से निकाल कर तत्काल प्राथमिक उपचार निम्न प्रकार करेंः- सबसे पहले देख लें कि डूबे हुए व्यक्ति के मुँह व नाक में कुछ फंसा तो नहीं है यदि है तो उसे निकाले,नाक व मुँह पर उँगलियों के स्पर्श से जांच कर लें कि डूबेे हुए व्यक्ति की सांस चल रही अथवा नहीं,नब्ज की जाँच करने के लिए गले के किनारे के हिस्सों में उँगलियों से छू कर जानकारी प्राप्त करें कि नब्ज चल रही है अथवा नहीं,नब्ज साँस का नहीं पता चलने पर डूबे हुए व्यक्ति के मुँह से मुँह लगाकर दो बार भरपूर साँस दें व 30 बार छाती के बीच में दबाव दें तथा इस विधि को 3-4 बार दुहराएँ। ऐसा करने से धड़कन वापस आ सकती है व साँस चलना शुरू हो सकती है,यदि डूबा हुआ व्यक्ति खाँस/बोल/साँस ले सक ने कि स्थिति में है तो उसे ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित करें, मूर्च्छा या बेहोशी आने पर पुनः साँस देने व छाती में दबाव देने की प्रक्रिया शुरू करें।
उपरोक्त प्रक्रिया के बाद बचाए गए व्यक्ति को अविलम्ब नजदीकी डॉक्टर अथवा प्राथमिक चिकित्सा केन्द्र पर ले जाएँ।

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