
हजारों की संगत ने लिया आध्यात्मिक आनंद, विशाल भंडारे का आयोजन
आगरा। सद्गुरु स्वामी टेऊँराम साहेब जी के गद्दीनशीन, पूज्य स्वामी भगत प्रकाश महाराज जी के पावन सानिध्य में धार्मिक आयोजनों की श्रृंखला के तीसरे दिन नामनेर स्थित सिंधी धर्मशाला में भव्य एवं दिव्य सत्संग का आयोजन अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ,सत्संग में हजारों की संख्या में उपस्थित संगत ने कीर्तन, प्रवचन एवं गुरु महिमा का श्रवण कर आत्मिक आनंद की अनुभूति की।
सत्संग को संबोधित करते हुए स्वामी जी के मुखारविंद से भजन : शहर खंडुअ में पैदा ध्यानों थियडो, संतन जो सरदार
स्वामी टेँऊराम अवतार,,
सद्गुरु स्वामी टेऊँराम साहेब जी की महिमा का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि नामनेर वह पावन भूमि है, जहाँ स्वामी टेऊँराम साहेब जी ने अपने जीवन के अनेक महत्वपूर्ण दिन व्यतीत किए। यहीं उनकी कुटिया का निर्माण हुआ और आज उनकी पावन प्रतिमा स्थापित है। इस पवित्र स्थल को नमन करते हुए साईं जी ने कहा कि नामनेर की भूमि पर बैठकर सत्संग करना स्वयं में सौभाग्य और गुरु कृपा का प्रतीक है।
इस अवसर पर स्वामी जी द्वारा स्वामी टेऊँराम साहेब जी के पावन चित्र के समक्ष श्रद्धा एवं भक्ति भाव से दीप प्रज्वलन किया गया।
संत हरिओम लाल जी, संत ढालूराम जी,संत कमल,भगत हरिदास जी एवं प्रेम प्रकाश मंडली की ओर से भगत दीपक केवलरामानी (दिल्ली) द्वारा प्रस्तुत किए गए मधुर एवं भक्तिमय भजनों ने संगत को भावविभोर कर दिया, उनकी भजन प्रस्तुति से पूरा वातावरण भक्ति-रस में सराबोर हो उठा।
स्वामी जी के प्रेरणादायी प्रवचनों एवं भाव-विभोर कर देने वाले कीर्तन से संगतों ने गुरु वाणी का श्रवण कर स्वयं को धन्य अनुभव किया और ऐसे सत्संग को जीवन के लिए मार्गदर्शक बताया, इससे पूर्व स्वामी जी के सानिध्य मे प्रातःकाल साईं टेऊँराम आश्रम, केदार नगर में विधि-विधान पूर्वक हवन कार्यक्रम एवं झंडारोहण संपन्न हुआ, जिसमें मुख्य सेविका दीदी भगवंती साजनानी श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की, सत्संग उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया,
इस अवसर पर सिंधी सेंट्रल पंचायत के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश सोनी श्याम भोजवानी एवं अन्य पदाधिकारियों द्वारा स्वामी जी का भव्य स्वागत किया गया, कार्यक्रम की व्यवस्थाओं एवं सेवा कार्यों में पूज्य सिंधी पंचायत नामनेर का विशेष योगदान सराहनीय रहा। पूरे आयोजन में श्रद्धा, सेवा और सत्संग का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने संगतों के हृदय में गुरु भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का संचार किया मुख्य रूप से नगर के गणमान्य नागरिक, समाजसेवी, साधु-संत एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे, जेठानंद, धर्मदास,प्रीतमदास, परमानंद आतवानी, जगदीश डोड़नी, दौलतराम खूब नानी, लक्ष्मण रामित्रि,काली भाई, होलाराम, लालचंद, सुंदरलाल, किशोर, पंकज, आशीष, वर्षा, भूरा दादी, विशनी, रिया, कोमल आदि मौजूद रहे।


