अखिलेश यादव का विस्फोटक आरोप: यूपी में 2 करोड़ वोट काटने की साजिश, रद्द हों अब तक जमा हुए सभी फॉर्म-7

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लखनऊ। यूपी में चल रही एसआईआर प्रक्रिया को लेकर समाजवादी पार्टी ने चुनावी गड़बड़ी का आरोप लगाया है। सपा प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दावा किया कि फार्म-7 के जरिए बड़े पैमाने पर वोट काटने की कोशिश हो रही है। उन्होंने मांग की कि अब तक जमा सभी फार्म-7 रद्द किए जाएं और आगे से हर फार्म पर चुनाव आयोग का होलोग्राम अनिवार्य किया जाए।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश भर से फार्म-7 को लेकर शिकायतें मिल रही हैं। उनका आरोप है कि भाजपा संगठित तरीके से मतदाता सूची में हेरफेर कर रही है। सपा ने इस मामले में चुनाव आयोग से औपचारिक शिकायत भी की है और दोषियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने दावा किया कि करीब 1 करोड़ से ज्यादा वोट काटने की तैयारी चल रही है।

सीतापुर से शुरू हुआ मामला

अखिलेश यादव ने कहा कि गड़बड़ी का पहला मामला सीतापुर में सामने आया। वहां जांच में पता चला कि जिस व्यक्ति के नाम से शिकायत दी गई, वह लिखना नहीं जानता और अंगूठा लगाता है, जबकि फार्म पर उसके हस्ताक्षर मौजूद थे। इसे उन्होंने फर्जीवाड़े का संकेत बताया।

उनका आरोप है कि बड़ी संख्या में फार्म-7 पहले से छपवाए गए और खास समुदायों, विशेषकर पीडीए और मुस्लिम मतदाताओं को निशाना बनाया जा रहा है।

अफसरों पर दबाव का आरोप

सपा प्रमुख ने यह भी कहा कि एक आईएएस अधिकारी मुख्यमंत्री कार्यालय से बीएलओ पर दबाव बना रहे हैं। हालांकि उन्होंने नाम बाद में उजागर करने की बात कही। उन्होंने आशंका जताई कि चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश हो रही है।

अखिलेश ने आरोप लगाया कि मतदाताओं को असली वोटर लिस्ट नहीं दिखाई जा रही। पूछने पर पंचायत चुनाव की सूची दिखा दी जाती है। इस दौरान पूर्व मंत्री योगेश यादव ने दावा किया कि उनके क्षेत्र में हजारों वोट काटे जाने की तैयारी है।

पहले से भरे फार्म भेजने का आरोप

अखिलेश यादव ने कहा कि कई विधानसभा क्षेत्रों में पहले से भरे हुए फार्म भेजे जा रहे हैं। सुल्तानपुर में एक मुस्लिम महिला बीएलओ का नाम ही सूची से हटाने की बात सामने आई। उनका कहना है कि इपिक नंबर और अन्य विवरण पहले से भरकर फार्म अलग-अलग क्षेत्रों में भेजे जा रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा हर विधानसभा में हजारों वोट कम कराने की रणनीति पर काम कर रही है। कन्नौज, सुल्तानपुर और लखनऊ के सरोजनीनगर का भी उदाहरण दिया गया, जहां बड़ी संख्या में फार्म एक ही व्यक्ति के हस्ताक्षर से जमा होने की बात कही गई।

एफआईआर की मांग और अपील

सपा प्रमुख ने कहा कि नियम साफ है, अगर कोई गलत जानकारी देकर फार्म जमा करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से अपील की कि किसी भी वैध मतदाता का नाम कटने न दिया जाए।

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