आगरा, 11 सितंबर। उत्तर प्रदेश के जिमनास्टिक गुरू अजय कुमार सेठी ने आज अपनी पुरानी कार्यस्थली ताजनगरी के एकलव्य स्टेडियम में छात्रावास के खिलाड़ियों को जिमनास्टिक के टिप्स दिये। वे यहां कल हुए माध्यमिक विद्यालय राज्य जिमनास्टिक प्रतियोगिता में विशिष्ट अतिथि के तौर पर भाग लेने आये थे। रात्रि विश्राम के पश्चात आज सुबह ही स्टेडियम के जिमनेजियम में पहुंच गये। यहां उन्होंने प्रशिक्षु जिमनास्टों को ट्रेनिंग दी। आगरा स्टेडियम के प्रशिक्षक भी उन्हीं के ट्रेनी रहे हैं। इसलिये यों कहियेगा कि वे जिमनास्टिक के भीष्मपितामह की तरह आगरा स्टेडियम पहुंचे तो उनका ट्रेनर वाला रूप उभर आया। काफी देर तक बच्चों को ट्रेनिंग दी। उनके साथ ही उनके प्रशिक्षकों को भी जिमनास्टिक के गुर सिखाये।
इसी दौरान चाय पर चर्चा के दौरान उन्होंने अपने आगरा के क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी के रूप में बिताये कार्यकाल के बारे में चर्चा की। बताया कि आगरा को मैं कभी भुला नहीं पाऊंगा। यहां के खिलाड़ियों के साथ ही खेल प्रशासकों और एसोसिएशनों के बारे में चर्चा की। आगरा ओलंपिक संघ के अध्यक्ष डा. हरीसिंह यादव की विशेष रूप से सराहना करते हुए उन्होंने कहा आगरा के स्टेडियम के विकास में श्री यादव का महत्वपूर्ण योगदान रहा। तत्कालीन मीडिया कर्मियों के सहयोग को भी उन्होंने सराहा।
उन्हें इस बात पर फक्र है कि उनके प्रयासों से एकलव्य स्टेडियम में आधुनिकतम जिमनास्टिक उपकरण लग गये। जिनकी वजह से हर साल माध्यमिक विद्यालयों की राज्य स्तरीय जिमनास्टिक प्रतियोगिता के साथ ही खेल विभाग की भी राज्य स्तरीय कई प्रतियोगिताएं आगरा के इसी जिमनेजिम में होती हैं। हालांकि वे लखनऊ के भी क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी भी रहे। वहीं से सेवानिवृत भी हुए हैं और लखनऊ में ही बस गये हैं। लेकिन आगरा से उनका विशेष लगाव छिपता नहीं है। उनसे बातचीत में आगरा स्टेडियम के प्रशिक्षक राजेश सिंह यादव, जावेद अहमद के साथ ही वरिष्ठ पत्रकार लाखन सिंह बघेल भी मौजूद रहे। चलते-चलते कह रहे थे कि दिसंबर में फिर आगरा आऊंगा। तब जिमनास्टक केसाथ ही आगरा में खेल और खिलाड़ियों को कैसे उभारा जाए, इस पर कुछ खेल क्षेत्र से जुड़ी हस्तियों से चर्चा करेंगे।
वैसे लखनऊ में भी उनकी जिमनास्टिक के क्षेत्र में कुछ विशेष कार्य करने की योजना है। वे चाहते हैं उत्तर प्रदेश से अच्छे जिमनास्ट निकलें ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश और देश का नाम रोशन करें।


