स्कूलों में लगी ‘स्वच्छता की पाठशाला’, हजारों विद्यार्थियों ने सीखा स्वच्छता का पाठ

Press Release उत्तर प्रदेश

—– शहर के चारों जोनों के विद्यालयों में चला जन-जागरूकता अभियान, विद्यार्थियों को कचरा पृथक्करण से लेकर पर्यावरण संरक्षण तक की दी जानकारी, प्रतियोगिता का आयोजन

आगरा।स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान के तहत नगर निगम आगरा एवं सहयोगी संस्था म्यूज फाउंडेशन द्वारा शहर में जन-जागरूकता गतिविधियों को व्यापक स्तर पर संचालित किया जा रहा है। अभियान के दूसरे दिन ‘स्वच्छता की पाठशाला’ पहल के माध्यम से शहर के विभिन्न वार्डों में स्थित विद्यालयों में विद्यार्थियों को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदार नागरिक व्यवहार के प्रति जागरूक किया गया। अभियान के तहत 8,000 से अधिक विद्यार्थियों को स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। स्कूलों में पोस्टर प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।
महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाहा एवं नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य के मार्गदर्शन में आयोजित इस पहल के दौरान नगर निगम के चारों जोनों के जोनल अधिकारियों और टीमों ने विभिन्न विद्यालयों में पहुंचकर विद्यार्थियों से संवाद किया। अधिकारियों ने बच्चों को समझाया कि स्वच्छ शहर बनाने की जिम्मेदारी केवल नगर निगम या सफाई कर्मचारियों की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। विद्यार्थियों को अपने घर, विद्यालय और आसपास के सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता बनाए रखने तथा स्वच्छ आदतों को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया।

—– चार रंगों के कूड़ेदानों की समझाई उपयोगिता

‘स्वच्छता की पाठशाला’ के दौरान विद्यार्थियों को कचरे के स्रोत पर ही उसका पृथक्करण करने की जानकारी दी गई। उन्हें चार प्रकार के कूड़ेदानों—गीला कचरा, सूखा कचरा, सैनिटरी कचरा और घरेलू खतरनाक कचरा—के उचित उपयोग के बारे में विस्तार से बताया गया। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को समझाया कि कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में रखने से उसके निस्तारण और पुनर्चक्रण की प्रक्रिया अधिक प्रभावी होती है।

इसके साथ ही बच्चों को सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल से बचने, सार्वजनिक स्थानों पर न थूकने, खुले में कचरा नहीं फेंकने तथा अपने घर और आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित किया गया। विद्यार्थियों को यह भी संदेश दिया गया कि छोटी-छोटी स्वच्छ आदतें मिलकर शहर की स्वच्छता व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकती हैं।

स्वच्छता शपथ के साथ बनाई मानव श्रृंखला—-

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए स्वच्छता शपथ दिलाई गई। विद्यार्थियों ने स्वच्छता को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।

सफाई मित्रों ने भी बढ़ाया विद्यार्थियों का उत्साह

कार्यक्रम में नगर निगम की टीम के साथ सफाई मित्रों ने भी सक्रिय सहभागिता की। सफाई मित्रों ने विद्यार्थियों को स्वच्छता से जुड़े संदेशों से जोड़ा और उन्हें अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान स्वच्छता को केवल अभियान या एक दिन की गतिविधि तक सीमित न रखते हुए इसे नियमित व्यवहार और दैनिक आदत बनाने पर जोर दिया गया।
नगर निगम अधिकारियों ने विद्यार्थियों से कहा कि बच्चे अपने परिवार और समाज तक स्वच्छता का संदेश पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। विद्यालयों में सीखी गई स्वच्छ आदतों को यदि विद्यार्थी अपने घरों और आसपास के लोगों तक पहुंचाएं, तो इसका व्यापक सामाजिक प्रभाव देखने को मिल सकता है।

बच्चों को बनाया जाएगा स्वच्छता संदेश का वाहक—–
‘स्वच्छता की पाठशाला’ का प्रमुख उद्देश्य बच्चों को स्वच्छता के संदेश का प्रभावी वाहक बनाना है। अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों को स्वच्छता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदार नागरिक व्यवहार के प्रति संवेदनशील बनाने का प्रयास किया गया।
नगर निगम की ओर से इस अभियान के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि स्वच्छता केवल सफाई करने तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह दैनिक जीवन की आदत और सामूहिक जिम्मेदारी है। बच्चों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश परिवार और समाज तक पहुंचाकर जनभागीदारी को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

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