आगरा नगर निगम में महापौर और नगर आयुक्त के बीच तल्खी बरकरार, मेयर ने विशेष सदन बुलाने के लिए पत्र लिखा

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आगरा: नगर निगम में मेयर और नगर आयुक्त के बीच अघोषित तल्खी कम नहीं हो पा रही है। महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह ने एक बार फिर नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल पर हमला बोलते हुए उनके द्वारा भेजे पत्रों का संज्ञान नहीं लेने और पार्षदों के कार्यों की उपेक्षा करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नगर आयुक्त प्रोटोकॉल के प्रतिकूल कार्य कर रहे हैं।

गौरतलब है कि महापौर और नगर आयुक्त के बीच तल्खी पहले भी कुछ मौकों पर सामने आती रही हैं महापौर द्वारा उनकी कार्यशैली पर सवाल उठाए जाते रहे हैं। आश्चर्यजनक बात यह है कि केंद्र और प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार होने के बावजूद भाजपा की मेयर को अधिकारियों पर हमलावर होना पड़ रहा है। दोनों के बीच तालमेल नहीं बनता दिख रहा है। कहा तो यह भी जा रहा है कि इस तल्खी को खबर लखनऊ तक पहुंच चुकी है। यह शीतयुद्ध जनता के बीच भी चर्चा का विषय बना हुआ है।

ताजा मामले में महापौर ने कहा कि जनहित व विकास कार्यों में अधिकारियों की बढ़ती जा रही उदासीनता को दूर करने के लिए विशेष अधिवेशन बुलाया जाएगा।

विकास कार्य न होने पर पार्षदों द्वारा आक्रोश व्यक्त किया जा रहा है। महापौर ने नगरायुक्त को पत्र लिख कर विशेष अधिवेशन बुलाने के निर्देश दिए हैं।

महापौर ने नगर आयुक्त को 30 अप्रैल 2025, 25 अप्रैल 2025, 09 सितंबर 2024 को लिखे गए पत्रों का हवाला देते हुए लिखा कि 15वें वित्त आयोग के मिनिट्स परिचालन पत्रावली/अभिलेख लौटती डाक से उपलब्ध कराये जाने की अपेक्षा की गयी थी, जिनमें पार्षदों के कार्यों, उनके क्षेत्रों में आवश्यक विकास कार्य, नाला/नाली/फर्श निर्माण/पार्कों के सौंदर्याकरण आदि कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराये जाने की समीक्षा की जानी थी। लेकिन वांछित अभिलेख /सूचना/पत्रावली उपलब्ध नहीं करायी गयी। प्रतीत होता है कि नगर आयुक्त द्वारा नगर निगम के निर्वाचित पार्षदों के कार्यों की उपेक्षा की जा रही है। अधोहस्ताक्षरी के पत्रों का संज्ञान नहीं लिया जा रहा है और न ही जनहित के कार्यों को महत्व दिया जा रहा है, जो नगर निगम के प्रोटोकाल के प्रतिकूल है।

महापौर ने कहा कि पार्षदों के आक्रोश के दृष्टिगत रखते हुए उक्त समस्त विषय पर आवश्यक चर्चा किये जाने के लिए नगर निगम सदन के विशेष अधिवेशन की बैठक बुलाया जाना आवश्यक है। अतः समस्त विषयों पर दो दिन में तैयारी कर अवगत कराएं, ताकि विशेष अधिवेशन की बैठक की तिथि निश्चित की जा सके।

महापौर ने नगर आयुक्त से निम्न विषयों में मांगी थी सूचना

– नगर निगम द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 में नगर निगम निधि एवं शासन से विभिन्न निधियों में प्राप्त अनुदान के सापेक्ष विभिन्न मदों में कितना कितना धन व्यय हुआ तथा कितना अवशेष है।

– नगर निगम द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 में नगर निगम स्तर से उद्यान विभाग का सृजन/गठन किया गया है तथा वित्तीय वर्ष 2024-25 में उद्यान विभाग द्वारा नगरीय क्षेत्र में क्या-क्या कार्य कराये गये।

15वें वित्त आयोग निधि के अन्तर्गत प्रस्तावित कार्यों के कार्ययोजना की मिनट्स परिचालन पत्रावली में महापौर द्वारा स्वीकृत सोलिड वेस्ट मैनेजमेन्ट के अन्तर्गत क.सं. 18 नाला निर्माण (108 नालों की मरम्मत का कार्य) कार्य तथा कं.सं. 01 से 09, 12, तक के कार्यों की पत्रालियाँ मांगी गयी थी और नये प्रस्तावित कार्यों की कार्ययोजना मांगी गई थी।

– नगर निगम कार्यकारिणी समिति (मूल बजट 2025-26) की बैठक का कार्यवृत्त मांगा गया था

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