—- बढ़ रही डॉग बाइट की घटनाएं, आवारा कुत्तों के लिए पानी-छाया जरूरी
—-पशु कल्याण अधिकारी की अपील—“निराश्रित कुत्तों के प्रति संवेदनशील बनें, करें भोजन-पानी की व्यवस्था”
आगरा। शहर में पड़ रही भीषण गर्मी का असर अब निराश्रित कुत्तों के व्यवहार पर भी साफ दिखाई देने लगा है। बढ़ते तापमान और पानी तथा छायादार स्थानों की कमी के कारण इन कुत्तों में चिड़चिड़ापन और आक्रामकता बढ़ रही है, जिससे डॉग बाइट (कुत्ते के काटने) की घटनाओं में इजाफा हो रहा है।
पशु कल्याण अधिकारी डॉक्टर अजय कुमार सिंह ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि गर्मी के मौसम में जब निराश्रित कुत्तों को पर्याप्त पानी, भोजन और आराम करने के लिए छाया नहीं मिलती, तो उनके व्यवहार में अचानक परिवर्तन आने लगता है। ऐसे में वे अधिक आक्रामक हो जाते हैं और मामूली उकसावे पर भी लोगों पर हमला कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति केवल प्रशासनिक प्रयासों से नहीं सुधर सकती, बल्कि इसके लिए आम नागरिकों की भागीदारी भी बेहद जरूरी है। उन्होंने अपील की कि लोग अपने आसपास के क्षेत्रों में आवारा कुत्तों के लिए पानी के बर्तन रखें और संभव हो तो छायादार स्थानों की व्यवस्था करें। साथ ही नियमित रूप से भोजन उपलब्ध कराकर उन्हें शांत और सुरक्षित बनाए रखने में सहयोग करें।
उन्होंने यह भी बताया कि जिन क्षेत्रों में नागरिकों द्वारा कुत्तों के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था की जाती है, वहां डॉग बाइट की घटनाएं अपेक्षाकृत कम देखी गई हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि थोड़ी सी संवेदनशीलता और सहयोग से इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
पशु कल्याण अधिकारी ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि गर्मी के इस कठिन समय में निराश्रित पशुओं के प्रति दया और जिम्मेदारी का भाव रखें। “एक छोटा सा प्रयास न केवल इन बेजुबान जानवरों को राहत देगा, बल्कि शहर को भी सुरक्षित बनाएगा,” उन्होंने कहा।


