लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जिस एसआईआर से अब तक पूरा देश परेशान था, अब उसी प्रक्रिया से भाजपा के लोग घबराए हुए हैं। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा ने एक करोड़ फर्जी वोट बढ़वाए हैं और इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए।
अखिलेश यादव राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से एसआईआर के बाद जारी की गई कच्ची मतदाता सूची पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। उन्होंने कहा कि भाजपा अब दबाव इसलिए बना रही है क्योंकि उसके फर्जी वोट कट गए हैं।
उनके मुताबिक इसका साफ मतलब है कि पहले नकली वोट बनाए गए और डाले गए, जिनका सबसे ज्यादा फायदा भाजपा के बूथों को मिला। उन्होंने कहा कि एसआईआर के जरिए देश को परेशान किया गया, लेकिन आज वही प्रक्रिया भाजपा के लिए परेशानी का कारण बन गई है, इसलिए वे गुपचुप बैठकों में जुटे हुए हैं।
उन्होंने उत्तर प्रदेश की जनता का आभार जताते हुए कहा कि एसआईआर के बाद अब सवाल उन लोगों पर खड़े हो गए हैं जो फर्जी वोट बनवाने में शामिल थे। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए।
6 मार्च को आएगी अंतिम मतदाता सूची
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत जारी ड्राफ्ट सूची को लेकर उठ रही आपत्तियों पर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा लगातार जवाब दे रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर स्पष्ट किया कि एसआईआर का अभी केवल प्रारंभिक चरण पूरा हुआ है और 6 मार्च को जारी होने वाली अंतिम मतदाता सूची ही निर्णायक मानी जाएगी।
कांग्रेस नेता गुरदीप सिंह सप्पल की आपत्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए नवदीप रिणवा ने कहा कि ड्राफ्ट मतदाता सूची में नाम होना या न होना अंतिम नहीं है। असली महत्व अंतिम सूची का होता है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि यदि किसी का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं दिख रहा है तो वे फॉर्म-6 भरकर अपना नाम जुड़वा सकते हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी मतदाता का नाम पुराने पते से हट गया है और नए पते पर अभी नहीं जुड़ा है, तो इसे दोनों जगह से नाम कटना नहीं माना जाना चाहिए। ऐसे मामलों में सीधे फॉर्म-6 भरना ही सही प्रक्रिया है।
