आगरा। समायोजन हेतु सरप्लस श्रेणी की सूची तैयार किए जाने में घोर लापरवाही बरते जाने, शिक्षिका के विषय संबंधी डाटा को जानबूझकर बदले जाने एवं उक्त हेतु कूटरचित कागजात तैयार किए जाने, पदीय दायित्वों के निर्वहन में शिथिलता व लापरवाही बरते जाने के आरोप में पंकज सारस्वत कनिष्ठ लिपिक कार्यालय खण्ड शिक्षा अधिकारी बिचपुरी आगरा को तत्काल प्रभाव से निलम्बित किया जाता है। इस आशय का आदेश जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डा० राकेश सिंह द्वारा जारी किया गया है।
उन्होने कहा है कि निलम्बन अवधि में पंकज सारस्वत कनिष्ठ लिपिक कार्यालय खण्ड शिक्षा अधिकारी जैतपुरकलां आगरा में सम्बद्ध रहेंगे तथा सम्बन्धित को “वित्तीय हस्त पुस्तिका खण्ड 11 (भाग 2 से 4) के नियम्,-53 (1)” में निहित प्रावधानों के अनुसार अन्य स्थान पर कार्य न करने संबंधी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के उपरान्त ही निलम्बन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। प्रकरण की विस्तृत जांच हेतु महेश चन्द्र खण्ड शिक्षा अधिकारी पिनाहट आगरा को जांच अधिकारी नामित किया जाता है तथा आदेशित किया जाता है कि शासनादेशों में निहित प्रावधानों के अनुसार संदर्भित प्रकरण में आरोप पत्र तैयार कर अधोहस्ताक्षरी से अनुमोदन कराए जाने के उपरान्त संबंधित लिपिक को आरोप पत्र की प्रति प्राप्त कराते हुए नियमानुसार जांचोपरान्त सम्पूर्ण स्पष्ट जांच आख्या अपने अभिमत सहित अधोहस्ताक्षरी के समक्ष प्रस्तुत किया जाना सुनिश्चित करें।
इस संबंध में श्रीमती सुधा रानी स०अ० उच्च प्राथमिक विद्यालय बरारा विकास खण्ड बिचपुरी आगरा के द्वारा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर प्रत्यावेदन दिनांक 17.07.2026 प्रस्तुत कर अवगत कराया है कि वह विद्यालय में अंग्रेजी भाषा वर्ग की सहायक अध्यापिका हैं, किन्तु समायोजन हेतु सरप्लस श्रेणी के अध्यापकों की प्रकाशित सूची में उनका विषय वर्ग अंग्रेजी भाषा के स्थान पर सामाजिक विज्ञान दर्शाया गया है। सचिव उ०प्र० बेसिक शिक्षा परिषद प्रयागराज द्वारा जारी की गयी सरप्लस श्रेणी के शिक्षकों की सूची में श्रीमती श्वेता स०अ० को भाषा विषय, कुलदीप भारद्वाज स०अ० को विज्ञान विषय एवं श्रीगती निधि गौतम, अखिलेश कांत शर्मा स०अ०, श्रीमती सीमा० स०अ० एवं श्रीमती सुधा रानी स०अ० को सामाजिक विज्ञान विषय में अंकित दर्शाया है। उनके द्वारा शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि उक्त के संबंध में पूर्व में उनके द्वारा ब्लॉक कार्यालय पर आपत्ति दर्ज करायी थी, किन्तु उसमें सुधार नहीं किया गया। जब पुनः इस संबंध में उनके द्वारा ब्लॉक कार्यालय जाकर अवगत कराया तो श्री पंकज सारस्वत कनिष्ठ लिपिक, कार्यालय ख०शि०अ० बिचपुरी आगरा द्वारा एक कूटरचित फर्जी आपत्ति पत्र दिखाया गया, जो न उनके द्वारा लिखा गया है और न ही उनके द्वारा हस्ताक्षरित था और न ही उस पर किसी उच्चाधिकारी के निर्देश थे। यह भी अवगत कराया गया है कि इसी कूटरचित पत्र के आधार पर उनके नाम के सम्मुख विषय वर्ग में परिवर्तन किया गया है, इस कारण उन्हें सरप्लस की श्रेणी में दर्शाया गया है।
अपर मुख्य सचिव, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा उ०प्र० शासन के पत्र संख्या-3355/68-5-2026/बेसिक शिक्षा अनुभाग-5 लखनऊ दिनांक 09.07.2026 के अनुपालन में मा० उच्च न्यायालय इलाहाबाद में योजित विशेष अपील संख्या-398/2026 सौरभ कुमार सिंह व 06 अन्य बनाम उ०प्र० राज्य द अन्य के संबंध में मा० न्यायालय द्वारा पारित आदेश दिनांक 06.07.2026 के क्रम में जनपदवार डाटा को निर्धारित 08 पृथक-पृथक प्रारूप पर दिए जाने के निर्देश प्रदान किए गए थे, जिसके क्रम में समस्त विकारु खण्डों से निधर्धारित प्रारूपों पर त्रुटिरहित डाटा तैयार कर मांगा गया था। उक्त के क्रम में तत्कालीन खण्ड शिक्षा अधिकारी बिचपुरी, आगरा के माध्यम से विकास खण्ड स्तर से डाटा मांगे जाने के उपरान्त खण्ड शिक्षा अधिकारी बिचपुरी आगरा के द्वारा समस्त डाटा स्वहस्ताक्षरित तैयार कर इस कार्यालय में उपलब्ध कराया एवं इस आशय का प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत किया गया कि उनके द्वारा प्रस्तुत किए गया डाटा पूर्णतः त्रुटिरहित है। तत्कालीन खण्ड शिक्षा अधिकारी बिचपुरी आगरा के द्वारा अवगत कराया गया कि विकास खण्ड स्तर पर उपरोक्त समस्त डाटा को आपके द्वारा तैयार किया गया था, जिसमें श्रीमती सुधा रानी स०अ० का विषय वर्ग अंग्रेजी भाषा के स्थान पर सामाजिक विज्ञान अंकित है। उक्त के आधार पर श्रीमती सुधा रानी स०अ० विद्यालय में सरप्लस की श्रेणी में दर्शायी गयी है। उपरोक्त डाटा जनपद स्तर से सचिव उ०प्र० बेसिक शिक्षा परिषद प्रयागराज के समक्ष प्रस्तुत किया था, जिसे मा० सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। विकास खण्ड स्तर से संदर्भित शिक्षिका के संबंध में त्रुटिपूर्ण प्रविष्टि दिए जाने के आधार पर ही मा० न्यायालय में उक्त त्रुटिपूर्ण डाटा दाखिल होने जैसी प्रतिकूल स्थिति उत्पन्न हुई, जोकि श्री पंकज सारस्वत कनिष्ट लिपिक की कार्य प्रणाली पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करती है। साथ ही यह भी दर्शाती है कि संबंधित लिपिक द्वारा अपने पदीय दायित्वों का समुचित निर्वहन न करते हुए जानबूझ कर लापरवाही की गयी है। उक्त के क्रम में इस कार्यालय के पत्र संख्या 5273-77/2026-27 दिनांक 18.07.2026 के द्वारा पंकज सारस्वत कनिष्ठ लिपिक को नोटिस जारी कर रपष्टीकरण उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए गए थे, जो उन्होंने नहीं दिये।


