आगरा। नगर निगम की आय बढ़ाने और शहर की सभी संपत्तियों को कर के दायरे में लाने के लिए नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कर निर्धारण से छूटी हुई किसी भी संपत्ति को चिन्हित कर तत्काल कर के दायरे में लाया जाए। साथ ही सभी राजस्व अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
नगर आयुक्त ने कहा कि शहर में बड़ी संख्या में ऐसी संपत्तियां हैं, जिनका अब तक कर निर्धारण नहीं हुआ है। इसके कारण नगर निगम को अपेक्षित राजस्व प्राप्त नहीं हो पा रहा है, जिससे नागरिकों को बेहतर जनसुविधाएं उपलब्ध कराने में कठिनाई आती है। वर्ष 2026-27 प्रारंभ हो चुका है, ऐसे में बीते वर्षों की कमियों को दूर करते हुए राजस्व संग्रह की प्रभावी रणनीति तैयार करना आवश्यक है।
बैठक में नगर आयुक्त ने मुख्य कर निर्धारण अधिकारी सहित सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर की प्रत्येक संपत्ति का सर्वे कर उसका कर निर्धारण सुनिश्चित किया जाए। विशेष रूप से उन संपत्तियों की जांच कराई जाए जो व्यावसायिक उपयोग में होने के बावजूद अभिलेखों में आवासीय दर्ज हैं। ऐसे मामलों में श्रेणी संशोधित कर नियमानुसार कर निर्धारण किया जाए, ताकि नगर निगम को वास्तविक राजस्व प्राप्त हो सके।
उन्होंने वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए कर वसूली के स्पष्ट लक्ष्य तय करने और अधीनस्थ कर्मचारियों के माध्यम से उनकी नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। नगर आयुक्त ने कहा कि प्रत्येक जोनल अधिकारी से प्रमाण-पत्र लिया जाए कि उसके क्षेत्र में कोई भी संपत्ति कर निर्धारण से वंचित नहीं है। यदि बाद में कोई संपत्ति छूटी हुई पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
बैठक में नगर निगम की कर एवं करेत्तर आय बढ़ाने के लिए भी सुझाव मांगे गए। नगर आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि निगम की आय के नए स्रोत विकसित करने और राजस्व व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए व्यवहारिक सुझाव भी कार्ययोजना में शामिल किए जाएं।
नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने निर्देश दिए कि सभी बिंदुओं को शामिल करते हुए विस्तृत कार्ययोजना एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत की जाए, ताकि समयबद्ध तरीके से आगे की कार्रवाई शुरू कर नगर निगम की आय में वृद्धि सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि राजस्व बढ़ने से शहर में सड़क, नाला, सफाई, प्रकाश व्यवस्था और अन्य नागरिक सुविधाओं के विकास कार्यों को और अधिक गति मिल सकेगी।


