
आगरा। सदगुरुदेव स्वामी टेऊं महाराज के 140वें जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में समाजसेवी विकास जेठवानी के निवास, 74 विमल वाटिका, कर्मयोगी, कमला नगर में विशेष सत्संग एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में चल रहे आयोजनों की श्रृंखला में मंगलवार को 29वें दिन का धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ।
सत्संग को संबोधित करते हुए वीना दीदी ने कहा कि सद्गुरु स्वामी टेऊं महाराज की वाणी में सामाजिक समरसता, विश्व बंधुत्व और मानव कल्याण का संदेश निहित है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार संत मीरा, कबीर, सूरदास और गुरु नानक की शिक्षाओं ने समाज को नई दिशा दी, उसी प्रकार स्वामी टेऊं महाराज के विचार भी प्रेम, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना का मार्ग प्रशस्त करते हैं। उन्होंने ईश्वर के प्रति सच्ची भक्ति, ध्यान और सिमरन (नाम जप) को जीवन का प्रमुख उद्देश्य बताते हुए कहा कि संत टेऊं महाराज की शिक्षाएं सात्विक जीवन, शाकाहार, जीव-दया और निस्वार्थ सेवा पर आधारित हैं।
उन्होंने कहा कि जीवों की हत्या मानवता के विरुद्ध है तथा प्रत्येक व्यक्ति को बिना किसी भेदभाव के मानव सेवा के कार्यों में आगे आना चाहिए। सत्संग के माध्यम से श्रद्धालुओं को अधिक से अधिक जरूरतमंदों, भूखों और असहाय लोगों की सेवा करने का संदेश दिया गया। उन्होंने कहा कि समाज के कल्याण में ही सभी का कल्याण निहित है।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे। भजन-कीर्तन के दौरान श्रद्धालु भक्ति भाव में सराबोर होकर झूमते और नृत्य करते नजर आए। कार्यक्रम के अंत में आरती के पश्चात श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
विकास जेठवानी ने बताया कि जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में प्रतिदिन धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर विकास जेठवानी, कुनाल जेठवानी, मेघराज दियालानी, लक्ष्मी जेठवानी, महक, चन्दा कुकरेजा, वर्षा, रितु, पूनम, अनु, स्नेहा, नैना जेठवानी, रशिम बुधरानी, भाविका दियालानी, सिद्धि आयलानी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।


