—– नगर आयुक्त ने मामरा वार्डले को गंभीरता से लेते हुए भुगतान पर रोक लगाने के लिए निर्देश
आगरा। नगर निगम प्रशासन द्वारा शहर में कूड़ा निस्तारण और कचरा संग्रहण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में शनिवार को वार्ड-29 के धांधूपुरा क्षेत्र में मेसर्स नेचर ग्रीन टूल्स द्वारा संचालित किए जा रहे भूमिगत डस्टबिन का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कंपनी की कार्यप्रणाली में गंभीर लापरवाही सामने आई।
नगर निगम के जेडएसओ योगेंद्र कुशवाहा ने मौके पर पहुंचकर भूमिगत डस्टबिन की व्यवस्था का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सुबह करीब 8:24 बजे तक कंपनी की ओर से कोई भी कर्मचारी मौके पर तैनात नहीं मिला। नियमानुसार भूमिगत डस्टबिन की निगरानी और उसके आसपास की सफाई व्यवस्था के लिए कर्मचारी की तैनाती होनी चाहिए, लेकिन मौके पर कर्मचारी नहीं मिलने से व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए।
निरीक्षण में सामने आई लापरवाही को नगर निगम प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। जेडएसओ योगेंद्र कुशवाहा द्वारा पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर कंपनी के खिलाफ कार्रवाई एवं पेनल्टी लगाए जाने के लिए उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। उनका कहना है कि कूड़ा संग्रहण एवं निस्तारण व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम ने बताया कि नगर निगम द्वारा कूड़ा उठान, भूमिगत डस्टबिन की व्यवस्था और सफाई कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है। निरीक्षण के दौरान मेसर्स नेचर ग्रीन टूल्स की ओर से सुबह 8:24 बजे तक कर्मचारी की तैनाती नहीं मिली, जिसे गंभीरता से लिया गया है। संबंधित कंपनी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई और पेनल्टी के लिए रिपोर्ट नगर आयुक्त को भेजी गई है। नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने इसे काम में घोर लापरवाही मानते हुए कार्यदाई संस्था के भुगतान पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। उनका कहना है कि कार्य में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


