
—– सफाई कर्मचारियों की भर्ती और वाहनों के डीजल को लेकर हंगामा
—- निगम की आय बढ़ाने के लिए नई और छूटी संपत्तियों को टैक्स के दायरे में लाने की नसीहत
आगरा। दो महीने की देरी के बाद नगर निगम सदन का बजट अधिवेशन आज हंगामे के साथ संपन्न हो गया। नगर निगम सदन कक्ष में मेयर हेमलता दिवाकर की अध्यक्षता में वर्ष 2026- 27 के लिए 1429.67 करोड़ रुपये के बजट को सदन के समक्ष पेश किया गया। आय व्यय पर विस्तृत चर्चा के उपरांत बजट को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। नगर निगम कार्यकारिणी ने इसे सप्ताहभर पहले हुई बैठक में मंजूरी दी थी । यह बजट अधिवेशन नए वित्तीय वर्ष के शुरू होने से पहले ही आयोजित किया जाना था, लेकिन बजट पास न होने के कारण नगर निगम के सभी विकास कार्य रुक गए थे।
नगर निगम के बजट अधिवेशन में कार्यकारिणी से मंजूर किए गए प्रस्तावों में सड़कों पर 412 करोड़ रुपये खर्च करने, 30 करोड़ रुपये स्ट्रीट लाइट पर और पांच करोड़ रुपये हरियाली पर खर्च करने का प्रस्ताव सदन के सामने रखा गया।
मुख्य वित्त अधिकारी बृजेश सिंह ने बजट को पेश किया। इसमें पाकों के विकास के लिए 12 करोड़ रुपये खर्च का प्रावधान रखा गया , वहीं डॉग शेल्टर होम पर एक करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। नालों की सफाई मामला सदन में उठने के बाद नालों की मरम्मत पर बजट बढ़ाया गया है। इस बार 44 करोड़ रुपये पुराने नालों की मरम्मत और निर्माण के लिए रखे गए हैं। चर्चा के दौरान जहां शहर में अनाच्छादित सम्पत्तियों पर टैक्स लगा कर निगम की आय बढ़ाने और वसूली बढ़ाने पर भी पार्षदों ने बल दिया तो वहीं सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने के बाद भी शहर की सफाई व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर सदस्यों ने हंगामा काटा। पार्षदों का आरोप था कि बढ़ाये गये सफाई कर्मियों को कहां तैनात किया गया है उसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। सेवा दाता कंपनी मैसर्स अग्रवाल के लिए अपनाई गई टैंडर प्रक्रिया और वाहनों पर खर्च हो रहे ईंधन पर भी सदस्यों द्वारा सवाल उठाए गए। इसके अलावा अतिक्रमण, पार्किंग और निगम संपत्तियों पर काबिज सिकमी किरायेदारों को लेकर भी पार्षदों ने जमकर हंगामा किया। बजट सत्र के अंत जलकल विभाग का 142 करोड 92 लाख रुपये का बजट रखा गया जिसे बिना किसी आपत्ति पास कर दिया गया। बजट अधिवेशन के दौरान नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य,प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी हेमंत मिश्रा आदि के अलावा निगम के सभी अधिकारी एवं जलकल विभाग के कार्यवाहक महाप्रबंधक संघ भूषण भी मौजूद थे।


