
आगरा। शहर में बढ़ती गर्मी और मानसून पूर्व संचारी रोगों की आशंका को देखते हुए नगर निगम द्वारा संचारी रोग नियंत्रण एवं हीटवेव से बचाव हेतु एक विशेष बृहद कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का आयोजन अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार के नेतृत्व में किया गया, जिसमें नगर निगम के विभिन्न जोनों के ज़ेडएसओ, सीएसएफआई, एसएफआई समेत अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जागरूक और प्रशिक्षित किया गया।
कार्यशाला में जिला मलेरिया अधिकारी राजेश कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव वर्मा, मेट्रोपॉलिटन सर्विलांस यूनिट से डॉ. महिमा एवं एपिडेमियोलॉजिस्ट शालिनी सिंह ने उपस्थित अधिकारियों का संवेदीकरण करते हुए संचारी रोगों की रोकथाम और हीटवेव से बचाव के विभिन्न उपायों की विस्तार से जानकारी दी।
जिला मलेरिया अधिकारी राजेश कुमार ने इस दौरान मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए एंटी लार्वा दवा के सही मात्रा और उपयोग की तकनीक पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि एंटी लार्वा दवा का वैज्ञानिक तरीके से प्रयोग किया जाए तो डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसे रोगों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। उन्होंने फॉगिंग अभियान को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए भी कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
मेट्रोपॉलिटन सर्विलांस यूनिट से डॉ. महिमा ने मच्छरों से बचाव, साफ-सफाई बनाए रखने तथा जलभराव रोकने के उपायों पर विस्तार से जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि नागरिक सहभागिता के बिना संचारी रोगों पर पूर्ण नियंत्रण संभव नहीं है, इसलिए लोगों को जागरूक करना भी बेहद जरूरी है।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव वर्मा ने हीटवेव से बचाव के उपाय बताते हुए कहा कि अत्यधिक गर्मी और तेज पसीना आने से शरीर में पानी के साथ-साथ इलेक्ट्रोलाइट की भी कमी हो जाती है, जिससे लोगों की तबीयत बिगड़ सकती है। उन्होंने बताया कि इसी को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से शहर में विभिन्न स्थानों पर ओ आर एस कॉर्नर स्थापित किए गए हैं, जहां लोगों को निःशुल्क ओ आर एस उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा सफाई मित्रों को भी नियमित रूप से ओ आर एस का वितरण किया जा रहा है ताकि वे भीषण गर्मी में सुरक्षित रह सकें।
अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार ने कहा कि नगर निगम द्वारा संचारी रोग नियंत्रण और हीटवेव से बचाव के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्कता के साथ कार्य करें तथा जनजागरूकता गतिविधियों को भी प्रभावी ढंग से संचालित करें, जिससे शहरवासियों को राहत मिल सके।


