
—– स्वच्छता अभियान में बाधा डालने वालों पर सख्ती, दो भैंसें जब्त
आगरा। शहर को स्वच्छ और जलभराव मुक्त बनाने के लिए चलाए जा रहे नगर निगम के अभियान के बीच कुछ पशुपालकों की लापरवाही निगम के प्रयासों पर पानी फेर रही है। घरों में डेयरी संचालित कर पशुओं का गोबर सीधे नालियों में बहाए जाने से न केवल नालियां चोक हो रही हैं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में गंदगी, दुर्गंध और संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा भी बढ़ रहा है। नागरिकों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद सोमवार को नगर निगम टास्क फोर्स ने विजय नगर कॉलोनी में विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई की। इस दौरान 48 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया तथा दो भैंसें भी जब्त की गईं।
नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य के निर्देश पर एसएफआई नूपुर के नेतृत्व में चली कार्रवाई के दौरान टीम ने पाया कि विजय नगर कॉलोनी में कुछ पशुपालक घरों में डेयरी संचालित कर रहे हैं और पशुओं का गोबर सीधे नालियों में बहा रहे हैं। इससे नालियों में रुकावट पैदा होने के साथ ही क्षेत्र में गंदगी और दुर्गंध का माहौल बन गया था। स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत नगर निगम से की थी।
कार्रवाई के दौरान पशुपालक बबलू पर 25 हजार रुपये तथा जिन्दर कौर पर तीन हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। दोनों से मौके पर ही जुर्माना राशि वसूल कर ली गई। वहीं एक अन्य पशुपालक कार्रवाई के दौरान मौके से फरार हो गया। नगर निगम की टीम ने उसके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसकी दो भैंसें जब्त कर लीं। निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जब्त की गई भैंसों को प्रति भैंस आठ हजार रुपये की निर्धारित शुल्क राशि जमा कराने के बाद ही छोड़ा जाएगा। इसके अलावा गोबर इकट्ठा करने पर मंशा देवी गली राजामंडी क्षेत्र में कालू और बाबी यादव पर भी दो – दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि नालियों में गोबर या अन्य ठोस अपशिष्ट बहाने से जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होती है, जिससे बरसात के दौरान जलभराव की समस्या और गंभीर हो जाती है। साथ ही गंदगी के कारण मच्छरों एवं अन्य संक्रामक रोगों के फैलने की आशंका भी बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए ऐसे मामलों में लगातार निगरानी रखी जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
—– नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य का वर्जन :
“शहर की स्वच्छता और जल निकासी व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। पशुपालकों द्वारा गोबर या अन्य अपशिष्ट सीधे नालियों में बहाना गंभीर लापरवाही है। ऐसे लोगों के खिलाफ जुर्माना, जब्ती और अन्य विधिक कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। सभी नागरिकों से अपील है कि स्वच्छ आगरा के निर्माण में सहयोग करें तथा कहीं भी इस प्रकार की गतिविधि दिखाई दे तो उसकी सूचना तत्काल नगर निगम को दें।”


