जनपद आगरा में औषधियों के अवैध भंडारण पर बड़ी कार्रवाई: दो गोदामों सहित ‘मेसर्स ज्योति ड्रग हाउस’ मुख्य दुकान सील; भारी मात्रा में फिजिशियन सैंपल्स व सरकारी सप्लाई बरामद

Press Release उत्तर प्रदेश

* जनपद Agra में “Oxalgin DP Tablet” नामक औषधि के नकली निर्माण, भंडारण एवं विक्रय से जुड़े एक संगठित नेटवर्क का खुलासा ।

 

दिनांक 24.05.2026 स्थानः आगरा/अलीगढ़ /रुड़की (उत्तराखंड)।

प्रदेश में सुरक्षित व उच्च गुणवक्ता औषधियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) मुख्यालय लखनऊ द्वारा प्रदेश के विभिन्न जनपदों के औषधि निरीक्षकों की गठित स्पेशल टीम ने अभिसूचना के आधार पर आगरा के फाउन्टेन स्थित झूलेलाल मार्केट में 22 और 23 मई 2026 को जांच की गई। इस दौरान दो अवैध गोदामों से भारी मात्रा में फिज़िशन सै…
इस स्थान पर किसी प्रकार के औषधि निर्माण, विक्रय अथवा चिकित्सक क्लिनिक पंजीकरण न होने की पुष्टि हो जाने पर गुणवत्ता की प्रामाणिक जांच के लिए भंडारित औषधियों में से 10 प्रकार की दवाओं के नमूने लिए गए। शेष औषधियों को 68 कार्टनों में व्यवस्थित कर कुल 30 प्लास्टिक बोरों में डाल कर सील किया गया। जिसकी अनुमानित कीमत कुल डेढ़ करोड़ रुपये है।

* दूसरे गोदाम की जांच और मुख्य दुकान की सीलिंग (दिनांक: 23.05.2026)

पहले गोदाम की जांच के दौरान ही उसी मंजिल पर एक और बंद गोदाम की जानकारी मिली, जिसके किरायानामे के आधार पर संचालक नारायण दास हँसराजनी और उनके दूसरे कर्मचारी पुनीत कटार का संबंध सामने आया। गोदाम मालकिन सुश्री मोहिनी हीराणी की उपस्थिति में पुलिस के सहयोग से इस दूसरे गोदाम को खोला गया।

इस गोदाम से फिजिशियन सैंपल्स के साथ-साथ ESI Supply, state a central Government Supply, और डी Defence Supply बरामद हुईं। इसके अतिरिक्त, इंसुलिन इंजेक्शन और रैबीज वैक्सीन जैसी जीवन रक्षक औषधियों को बिना किसी आवश्यक कोल्ड चेन उपकरणों के, अत्यधिक तापमान में रखा गया था, जिससे उनकी प्रभावकारिता और गुणवत्ता प्रभावित होने की पूरी संभावना है।

गुणवत्ता की प्रामाणिक जांच के लिए इस गोदाम से भी भंडारित औषधियों में से 10 प्रकार की दवाओं के नमूने लिए गए। शेष औषधियों को कुल 37 प्लास्टिक बोरों में डाल कर सील किया गया। जिसकी अनुमानित कीमत कुल एक करोड़ रुपये है।

मुख्य दुकान ज्योति ड्रग हाउस की सीलिंगः यह पुष्टि होने के बाद कि दोनों अवैध गोदाम सीधे तौर पर ज्योति ड्रग हाउस’ से जुड़े हुए हैं और उनमें उपरोकी अवैध औषधियाँ रखी गई हैं, इस प्रबल संदेह के आधार पर कि प्रथम तल पर स्थित मुख्य मेडिकल स्टोर के भीतर भी इन दवाओं का अवैध स्टॉक हो सकता है, टीम ने मुख्य दुकान को भी औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम 1940 की धारा 22 (1) (d) के तहत आगामी आदेशों तक सील कर दिया है।

अवैध रूप से संचालित गोदाम व इनमें पाई गई बहु चर्चित ब्रांड औषधियों के फिज़िशन सैम्पल, ES। सप्लाइ, State govt., Central govt, Defence सप्लाइ के भंडारण को देखते हुए औषधि निरीक्षक आगरा की तहरीर पर थाना कोतवाली (फाउन्टेन), जनपद आगरा में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अंतर्गत दो नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गईं हैं:

1. पहले प्रकरण के अभियुक्तः नारायण दास हँसराजनी (प्रोप्राइटर, मेसर्स ज्योति ड्रग हाउस) और कर्मचारी किशोर मेहता।

धाराएं: इनके विरुद्ध BNS की धारा 319, 276, 277, और 278 के तहत केस दर्ज किया गया है।

2. दूसरे प्रकरण के अभियुक्तः नारायण दास हँसराजनी और कर्मचारी पुनीत कटार (निवासीः कमला नगर, आगरा)।

धाराएं: इनके विरुद्ध BNS की धारा 276, 277, 278, 316, 318, 319

Oxalgin DP Tablet” नामक औषधि के नकली निर्माण, भंडारण एवं विक्रय से जुड़े एक संगठित नेटवर्क का खुलासा ।

> निर्माता कंपनी Zydus Lifesciences से प्राप्त शिकायत के आधार पर औषधि निरीक्षकों की टीम द्वारा दिनांक 06.05.2026 को आगरा स्थित “श्री मेडिकल एजेंसीज एवं उससे संबंधित एक अवैध गोदाम का निरीक्षण एवं जांच की गई। जांच के दौरान “Oxalgin DP Tablet के संदिग्ध नमूने संग्रहित किए गए तथा स्टॉक एवं
अभिलेखों में गंभीर अनियमितताएँ पाई गईं। गोदाम को अग्रिम जांच हेतु सील कर दिया गया था। निर्माता कंपनी द्वारा परीक्षण/तुलना उपरांत संबंधित नमूनों को नकली घोषित किया गया।

* पूछताछ में श्री मेडिकल एजेंसीज के स्वामी सुरेन्द्र गुप्ता द्वारा खुलासा किया गया कि उक्त संदिग्ध औषधियाँ उसे मयंक गुप्ता, निवासी Aligarh, द्वारा बिना बिल के उपलब्ध कराई जाती थीं।

उक्त सूचना के आधार पर विभागीय टीम द्वारा अलीगढ़ पहुंचकर मयंक गुप्ता से पूछताछ की गई तथा मोबाइल फोन, चैट, कॉल डिटेल एवं अन्य डिजिटल साक्ष्यों का परीक्षण किया गया, जिसमें मयंक गुप्ता एवं Leroi Pharmaceuticals Pvt. Ltd. के मध्य संपर्क एवं बातचीत के साक्ष्य प्राप्त हुए।

जांच में प्राप्त सूचनाओं एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर उत्तर प्रदेश के औषधि निरीक्षकों की टीम द्वारा रुड़की स्थित Leroi Pharmaceuticals Pvt. Ltd. से संबंधित निर्माण इकाई/परिसर का निरीक्षण एवं जांच की गई। जांच के दौरान परिसर एवं डंप यार्ड से “Oxalgin DP Tablet” से संबंधित पैकेजिंग मैटेरियल, प्रिंटिंग सामग्री तथा मशीन ट्रायल से संबंधित अवशेष/सामग्री बरामद की गई। जांच में प्राप्त सामग्री एवं डिजिटल साक्ष्यों से यह संबंध स्थापित हुआ कि नकली “Oxalgin DP Tablet” के निर्माण एवं सप्लाई श्रृंखला में आगरा, अलीगढ़ एवं रुड़की स्थित व्यक्तियों/इकाइयों के मध्य आपराधिक संबंध मौजूद थे।

उक्त तथ्यों की पुष्टि होने के उपरांत दिनांक 23.05.2026 को श्री मेडिकल एजेंसीज के सीलबंद अवैध गोदाम का पुनः निरीक्षण किया गया, जहाँ से लगभग ₹50 लाख मूल्य की अवैध औषधियाँ जब्त की गईं।

* प्रकरण में सुरेन्द्र गुप्ता, मयंक गुप्ता तथा अन्नू अरोरा एवं सैयम अरोरा के विरुद्ध थाना कोतवाली फाउन्टन, आगरा में BNS की धारा 3(5), 61, 319, 336, 276, 277, और 278 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है।

संक्षेपः 22-23 मई 2026 को बड़ी कार्यवाही करते हुए कुल ₹3 करोड़ (₹2.5 करोड़ ज्योति ड्रग हाउस के अवैध गोदामों से एवं ₹50 लाख श्री मेडिकल एजेंसीज से) मूल्य की अवैध, नकली, फिजिशियन सैंपल और सरकारी सप्लाई की औषधियां जब्त की गईं। इस अभियान के तहत थाना कोतवाली (फाउन्टेन), आगरा में कुल 3 नामजद प्राथमिकियां (FIR) दर्ज कराई गई हैं। इन प्रकरणों में मुख्य संचालकों व मालिकों सहित कुल 6 नामजद अभियुक्तों (नारायण दास हँसराजनी, किशोर मेहता, पुनीत कटार, सुरेन्द्र गुप्ता, मयंक गुप्ता, अन्नू अरोरा व सैयम अरोरा) के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) एवं औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम 1940 के अंतर्गत भी विधिक कार्यवाही शुरू कर दी गई है।

 

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