आगरा में सुडोकू का महाकुंभ: 512 प्रतिभागियों ने दिखाया दिमाग का दम, 70 साल के बुजुर्ग ने पदक जीतकर पेश की मिसाल

Press Release

आगरा। बच्चों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों में एकाग्रता, तर्कशक्ति और समस्या समाधान क्षमता को मजबूत करने के उद्देश्य से ब्रेन ओ ब्रेन संस्था द्वारा आयोजित तृतीय सुडोकू प्रतियोगिता का आयोजन बल्केश्वर स्थित सेंट एंड्रयूज पब्लिक स्कूल में भव्य रूप से संपन्न हुआ। प्रतियोगिता में कुल 512 प्रतिभागियों ने हिस्सा लेकर अनुशासन और बौद्धिक क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. सुशील गुप्ता विभव, डॉ. गिरधर शर्मा और ब्रेन ओ ब्रेन के डायरेक्टर राजीव खेतान द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।

“सुडोकू बच्चों को धैर्य और तार्किक सोच सिखाता है”

मुख्य अतिथि डॉ. सुशील गुप्ता विभव ने कहा कि सुडोकू जैसी प्रतियोगिताएं बच्चों में धैर्य, फोकस और लॉजिकल थिंकिंग विकसित करती हैं, जो पढ़ाई के साथ-साथ जीवन की चुनौतियों में भी मददगार होती हैं।

डॉ. गिरधर शर्मा ने कहा कि ऐसी बौद्धिक गतिविधियां हर आयु वर्ग के लिए लाभकारी हैं और मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाती हैं।

ब्रेन ओ ब्रेन के डायरेक्टर राजीव खेतान ने बताया कि संस्था बच्चों के मस्तिष्क विकास, आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।

तीन श्रेणियों में हुई प्रतियोगिता

आगरा की सिटी कोऑर्डिनेटर कविता अग्रवाल ने बताया कि प्रतियोगिता तीन ग्रुप में आयोजित की गई:

ग्रुप A: कक्षा 2 से 4

ग्रुप B: कक्षा 5 से 8

ग्रुप C (ओपन कैटेगरी): कक्षा 9 से ऊपर, अभिभावक और अन्य प्रतिभागी

विजेताओं को नकद पुरस्कार और पदक

ग्रुप A और B में शीर्ष तीन विजेताओं को नकद पुरस्कार दिए गए:

प्रथम: ₹2500

द्वितीय: ₹1500

तृतीय: ₹1000

इसके अलावा शीर्ष 25 प्रतिशत प्रतिभागियों को स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक प्रदान किए गए। सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।

ग्रुप C (ओपन कैटेगरी) में पुरस्कार राशि इस प्रकार रही:

प्रथम: ₹5000

द्वितीय: ₹3000

तृतीय: ₹2000

दो चरणों में हुआ आयोजन, रूबी क्यूब ने बढ़ाया उत्साह

प्रतियोगिता दो चरणों में आयोजित की गई। सेमीफाइनल राउंड स्थानीय ब्रेन ओ ब्रेन सेंटर्स और स्कूलों में संपन्न हुए। कार्यक्रम के दौरान ऑन द स्पॉट रूबी क्यूब प्रतियोगिता भी कराई गई, जिसने बच्चों और अभिभावकों में खास उत्साह भर दिया।

70 वर्षीय हीरा लखियानी बने प्रेरणा

कार्यक्रम का सबसे प्रेरणादायक पल तब रहा जब 70 वर्षीय हीरा लखियानी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता। उन्होंने साबित कर दिया कि सीखने और सोचने की कोई उम्र नहीं होती।

कार्यक्रम में ओसवाल बुक्स का विशेष सहयोग रहा। व्यवस्थाओं में मथुरा की सिटी कोऑर्डिनेटर शशि चतुर्वेदी और आगरा के विभिन्न सेंटर्स से जुड़े कई पदाधिकारियों का योगदान रहा।

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