
बढ़ती भव्यता के साथ बन रही सिंधी समाज और आगरा की सांस्कृतिक पहचान, सिंधी सेंट्रल पंचायत के नेतृत्व में निकलेगी भव्य शोभायात्रा, करीब 50 झांकियां होंगी शामिल*
आगरा। सिंधी समाज के आराध्य भगवान झूलेलाल की जयंती पर मनाए जाने वाले चेटीचंड महोत्सव के अवसर पर इस वर्ष भी आगरा में भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। सिंधी सेंट्रल पंचायत के नेतृत्व में सभी मोहल्ला पंचायतों के सहयोग से आयोजित होने वाली यह शोभायात्रा अब अपने 11वें वर्ष में प्रवेश कर चुकी है और हर वर्ष की तरह इस बार भी इसे भव्य एवं आकर्षक बनाने की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।
करीब 10 वर्ष पूर्व इस शोभायात्रा की शुरुआत की गई थी, जब इसके अध्यक्ष घनश्याम देवनानी थे। तब से लेकर आज तक यह आयोजन लगातार विस्तार और भव्यता की नई ऊंचाइयों को छूता जा रहा है। वर्तमान में इस वर्ष के झूलेलाल जयंती शोभायात्रा महोत्सव के संयोजक नंदलाल आयलानी और उप संयोजक डॉ. एस.के. विरानी हैं, जिनके निर्देशन में आयोजन की तैयारियां चल रही हैं।
समय के साथ शोभायात्रा का स्वरूप भी लगातार भव्य होता गया है। शुरुआत में जहां करीब 30 झांकियां शोभायात्रा में शामिल होती थीं, वहीं अब इनकी संख्या बढ़कर लगभग 50 तक पहुंच गई है। इन झांकियों में भगवान झूलेलाल की महिमा, सिंधी संस्कृति, परंपराएं और सामाजिक संदेशों को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा।
यह शोभायात्रा अब केवल सिंधी समाज तक सीमित नहीं रही, बल्कि आगरा की पहचान और गौरव का प्रतीक बन चुकी है। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में लोग इसका स्वागत करते हैं और अन्य समाजों के लोग भी उत्साह के साथ इसमें भागीदारी निभाते हैं।
शोभायात्रा के दौरान शहर के जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और विभिन्न वर्गों के लोग इसमें शामिल होकर आयोजन की शोभा बढ़ाते हैं। यह आयोजन सद्भाव, सहयोग, आस्था और उल्लास का प्रतीक बन चुका है।
पिछले कुछ वर्षों में इस आयोजन में महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ी है, वहीं समाज का युवा वर्ग भी बढ़-चढ़कर इसमें अपनी भूमिका निभा रहा है। शोभायात्रा के माध्यम से सामाजिक समरसता, राष्ट्रप्रेम, पर्यावरण संरक्षण और अन्य ज्वलंत सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता के संदेश भी दिए जाते हैं।
भगवान झूलेलाल की जयंती पर निकलने वाली यह शोभायात्रा अब आगरा की सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा बनती जा रही है, जिसका हर वर्ष शहरवासियों को बेसब्री से इंतजार रहता है।
पदाधिकारियों ने कही यह बात
सिंधी सेंट्रल पंचायत के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश सोनी ने कहा कि झूलेलाल जयंती का यह महोत्सव सिंधी समाज की आस्था, एकता और संस्कृति का प्रतीक है। समाज के सभी वर्गों के सहयोग से यह शोभायात्रा हर वर्ष और अधिक भव्य रूप ले रही है।
उपाध्यक्ष घनश्याम देवनानी ने कहा कि दस वर्ष पूर्व शुरू हुई यह शोभायात्रा आज पूरे शहर का उत्सव बन चुकी है। समाज के साथ-साथ अन्य समुदायों का सहयोग और उत्साह इस आयोजन की सबसे बड़ी ताकत है।
महामंत्री हेमंत भोजवानी ने कहा कि इस आयोजन में युवाओं और महिलाओं की बढ़ती भागीदारी समाज के लिए गर्व की बात है। इससे सिंधी संस्कृति और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद मिल रही है।
संरक्षक नंदलाल आयलानी ने कहा कि झूलेलाल जयंती शोभायात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश देने वाला महोत्सव है। इसमें सभी धर्मों और समाजों के लोगों का सहयोग मिलता है, जो इसकी सबसे बड़ी विशेषता है।
मीडिया प्रभारी मेघराज दियालानी ने कहा कि शोभायात्रा के माध्यम से सिंधी समाज की संस्कृति, परंपरा और भगवान झूलेलाल के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।
शोभा यात्रा की तैयारी के लिए लगातार बैठकों दौर जारी है जिसमें चद्र प्रकाश सोनी, हेमंत भोजवानी घनश्याम दास देवनानी, परमानन्द अतवानी,जयराम दास होतचंदानी, नन्दलाल आयलानी, श्याम लाल रंगनानी, एस के वीरानी, श्याम भोजवानी,जगदीश डोडानी, दौलत खूबनानी, जेठानन्द पुरसनानी, भोजराज लालवानी, मेघराज दियालानी, जितेंद्र त्रिलोकानी , अशोक पारवानी, पुरुषोत्तम लछवानी, राज कोठारी भजन लाल,bलालचंद मोटवानी, कन्हैया लाल मानवानी, नरेश लख्वानी, अनूप् भोजवानी, नानक राम मानवानी, राजू खेमानी,हरीश मोटवानी, कमल जुमानी, प्रदीप बनवारी, काँहिया सोनी, दौलत राम मोड़वानी, हरीश तहल्यानी,भीष्म लालवानी, महेश नारायणी, मुकेश साहनी, आदि मौजूद रहे.


