
आगरा। अयोध्या कुंज आगरा में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन आज कथा व्यास श्री पंडित पवन शास्त्री जी ने कथा का शुभारंभ मंगलाचरण और गुरु वंदना और संतों का स्मरण करते हुए किया। कथा में व्यास जी ने श्री कृष्ण की बाल लीलाओं को अपने मुखारविंद से सभी श्रोताओं को रसास्वादन कराया। जिसमें पूतना राक्षसी का वध कर उसका उद्धार किया, शकटासुर और त्रिणावर्त वध का चित्रण, माखन चोरी एवं गोपियों के साथ कृष्ण की मधुर बाल लीलाओं के प्रसंगों ने सभी श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया, माता यशोदा ने कृष्ण को ऊखल से बांधा उससे दो वृक्षों में श्रापित देव-पुत्रों के उद्धार की लीला एवं कालीदह में कालिया नाग को परास्त करने की लीलाओं के प्रसंग को श्रवण कराया। इंद्र पूजा के स्थान पर गोवर्धन पूजा कर इंद्र के अभिमान को तोड़ने की लीला का प्रसंग बहुत ही ह्रदय-स्पर्शी था।
गोपियों के साथ भगवान श्री कृष्ण की दिव्य रासलीला जिसे आत्मा-परमात्मा के मिलन का प्रतीक माना जाता है उस रासलीला में उपस्थित सभी माताओं-बहनों ने नृत्य करते हुए पूर्ण आनंद लिया।
श्री मद्भागवत कथा में विनोद अग्रवाल, सन्तोष अग्रवाल, भारत, गुंजन, नवीन, प्रियांशी, जीतू अग्रवाल, मनोज नोतनानी (मीडिया प्रभारी) पवन अग्रवाल, अयोध्या नाथ महिला भक्त मंडल, गौरव शर्मा, महेंद्र सिंह (मास्टर साहब) टीकम वर्मा, केदार लवानिया, श्री भगवान तथा इष्ट-मित्रों सहित समस्त कालोनी निवासी सम्मिलित हुए।


