
वन नेशन, वन इलेक्शन’ की अवधारणा का सभी करें सहयोग व समर्थन, इससे समय, संसाधनों और धन की बचत होगी तथा विकास कार्यों को अधिक गति मिलेगी
उप मुख्यमंत्री ने”एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत कैंपस में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
आगरा. 07.06.2026/ पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ , इसकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण , पत्रकार समाज और सरकार के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करते हैं। ये कहना है उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का। वे आज यहां डॉ.भीमराव आंबेडकर यूनिवर्सिटी के खंदारी कैंपस स्थित जे.पी. सभागृह, में नेशनल यूनियन आफ जर्नलिस्ट्स(इंडिया )के राष्ट्रीय पत्रकार सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। उप मुख्यमंत्री ने*एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत कैंपस में पौधारोपण किया। मुख्य मंच पर पहुंचने पर पत्रकार बंधुओं व संगठन पदाधिकारियों ने पुष्पगुच्छ, मोमेंटो देकर, पटका पहनाकर भव्य स्वागत किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर व सरस्वती वंदना के साथ हुआ।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट (इंडिया) के राष्ट्रीय पत्रकार सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 1972 से प्रारंभ हुई लगभग 55 वर्षों की गौरवशाली यात्रा तय करने वाले इस संगठन के राष्ट्रीय सम्मेलन में उपस्थित सभी पत्रकार बंधुओं का मैं अपनी पार्टी और सरकार की ओर से हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन करता हूं।
उन्होंने कहा कि हमारी वैचारिक परंपरा में संगठन, सरकार से बड़ा होता है। पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और इसकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। पत्रकार समाज और सरकार के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करते हैं। यदि सरकार कहीं कमी करती है तो पत्रकार उसे उजागर करने का अधिकार रखते हैं और यदि कोई अच्छा कार्य होता है तो उसे जनता तक पहुंचाने का दायित्व भी पत्रकारों का ही है।
उन्होंने कहा कि राजनीतिज्ञ,डॉक्टर, पुलिस सेवा व पत्रकारिता का कार्य 24 घंटे दायित्व का है। इन सभी क्षेत्रों में कार्यरत लोगों को किसी भी समय अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना पड़ सकता है।
श्री मौर्य ने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और लोकतंत्र की मजबूती में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष पत्रकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने आपातकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय आपातकाल के विरोध में अपने समाचार पत्र का पूरा पेज खाली छोड़ दिया था, पत्रकारों ने अनेक चुनौतियों का सामना किया था, लेकिन लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपनी जिम्मेदारियां निभाईं।

उन्होंने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ की अवधारणा का समर्थन करते हुए कहा कि इससे समय, संसाधनों और धन की बचत होगी तथा विकास कार्यों को अधिक गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि देश की युवा पीढ़ी और आम नागरिक भी इस विचार का समर्थन कर रहे हैं। हमारे यहां बचपन से ही बचत करना सिखाया जाता है छोटा बच्चा भी गुल्लक में अपनी बचत करता है, ऊर्जा बचत कर के हम ऊर्जा संकट का सफलतापूर्वक सामना कर सकते हैं।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से विकास के मार्ग पर अग्रसर है। भारत की प्रगति, विकसित भारत बनाने के प्रयासों को देख कर विदेशी शक्तियों द्वारा षड्यंत्र जारी है, मेक इन इंडिया में बनाने वाले, खरीदने वाले अपने देश के होंगे, अपने लोगों को रोजगार मिलेगा,आज रक्षा क्षेत्र में भी भारत उत्पादन कर रहा, ऊर्जा, क्रूड ओयल, हथियार खरीद में विदेशी मुद्रा का बड़ा भाग जाता है ऊर्जा बचत से विदेशी मुद्रा बचेगी।देश आज वैश्विक ऊर्जा संकट जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है, लेकिन भारत मोदी जी के कुशल नेतृत्व में इन चुनौतियों से सफलतापूर्वक निपटने की दिशा में कार्य कर रहा है। उन्होंने ऊर्जा संरक्षण का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक को बचत और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग में सहयोग समर्थन करना चाहिए,। प्रधानमंत्री श्री मोदी की अपील को लोगों ने आत्मसात किया है।

उन्होंने विकसित भारत,आत्मनिर्भर भारत अभियान, मेक इन इंडिया का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में उत्पादन बढ़ने से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और भारत की अर्थव्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र में हो रहे अनुसंधानों, गैस भंडारों की खोज तथा परमाणु ऊर्जा, थोरियम रिएक्टर के क्षेत्र में भारतीय वैज्ञानिकों की उपलब्धियों की भी सराहना की।
वर्तमान समय में दुनिया अनेक संकटों और संघर्षों से गुजर रही है, लेकिन भारत शांति, संवाद और विकास का मार्ग दिखाने वाला देश बनकर उभर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विभिन्न 32 देशों द्वारा दिए गए सर्वोच्च सम्मानों से भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा का पता चलता है यह मोदी जी का ही नहीं देश की 150 करोड़ जनता का भी सम्मान है, आज विश्व अमेरिका, ईरान, रूस, यूक्रेन के युद्ध की परिस्थितियों में विश्वयुद्ध के मुहाने पर है, भारत रास्ता दिखाने वाला है एक दिन जिस रास्ते पर भारत चल रहा उसी रास्ते पर पूरा विश्व चलेगा।
अंत में उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार लोकतंत्र को मजबूत बनाने और पत्रकारों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी पत्रकारों से निष्पक्षता और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया तथा आश्वासन दिया कि सरकार पत्रकारों के हितों के प्रति संवेदनशील है।उन्होंने सभी उपस्थित पत्रकारों और अतिथियों का पुनः धन्यवाद ज्ञापित करते हुए अपनी शुभकामनाएं व्यक्त कीं।
इससे पूर्व एनयूजे के राष्ट्रीय अध्यक्ष रास विहारी ने स्वागत भाषण में कहा कि आपात काल के विरोध में नेशनल यूनियन आफ जर्नलिस्ट्स ने प्रदर्शन किये थे। लेकिन आज तो देश में अघोषित आपातकाल लागू है। मीडिया पर सबसे ज्यादा आपातकाल लागू है। आज मीडिया पर सबसे ज्यादा सवाल उठते हैं। उन्होंने कहा कि यू-ट्यूबर पत्रकार हैं कि नहीं यह भी सरकार को करना है। उन्होंने कहा कि फर्जी पत्रकारों की तरह आज फर्जी पत्रकार संगठन भी बन गये हैं। जो कागजी संगठन में उन्हें राज्य सरकार मान्यता भी दे देती हैं। उन्होंने कहा कि फर्जी पत्रकारों और इनके संगठनों पर रोकलगाने के लिये हमारा एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री से मिलेगा।
मंचासीन अतिथि- मंचासीन अतिथियों में उपमुख्यमंत्री के अलावा राष्ट्रीय अध्यक्ष एनयूजे रासविहारी, महासचिव प्रदीप तिवारी, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अरविंद सिंह, राष्ट्रीय संगठन मंत्री प्रमोद गोस्वामी, संचालन कर्ता सुरेंद्र दुबे, वीरेंद्र सक्सेना , कुलपित प्रो.आशुरानी, मोहन बाबू अग्रवाल, एनयूजे के जिला अध्यक्ष केपीसिंह, जिला महासचिव दिलीप सुराना, अजेंद्र चौहान, जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनियां , शहर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता, विधान परिषद सदस्य विजय शिवहरे ।


