
—- अवैध कनेक्शनों से बढ़ रहा लोड,जल रहीं स्ट्रीट लाइटों की केबलें, —- देवरी रोड से सेवला तक कई मामले पकड़े जा चुके हैं
आगरा। शहर में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाले बिजली चोरों के खिलाफ अब नगर निगम सख्त कार्रवाई की तैयारी में है। नगर निगम और टोरंट पावर संयुक्त रूप से अभियान चलाकर स्ट्रीट लाइट बॉक्स से अवैध रूप से बिजली लेने वालों की पहचान करेंगे और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हाल ही में शहर के कई क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट बॉक्स से अवैध कनेक्शन लेने के मामले सामने आने के बाद यह निर्णय लिया गया है।
नगर निगम के मुख्य अभियंता (विद्युत एवं यांत्रिक) अजय कुमार राम ने बताया कि स्ट्रीट लाइट बॉक्स से बिजली चोरी के कारण विद्युत तंत्र पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है। ओवरलोडिंग के चलते स्ट्रीट लाइटों की केबलें बार-बार जल रही हैं, जिससे बड़ी संख्या में स्ट्रीट लाइटें खराब हो जाती हैं और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा नगर निगम को मरम्मत और रखरखाव पर अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि हाल ही में देवरी रोड, मधु नगर और सेवला क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट बॉक्स से अवैध विद्युत कनेक्शन लेने के मामले पकड़ में आए थे। जांच में सामने आया कि कुछ लोगों द्वारा घरेलू और व्यावसायिक उपयोग के लिए सीधे स्ट्रीट लाइट नेटवर्क से बिजली ली जा रही थी। ऐसे मामलों से नगर निगम की सार्वजनिक प्रकाश व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
मुख्य अभियंता ने बताया कि इस संबंध में टोरंट पावर को पत्र भेजा जा रहा है और दोनों संस्थाओं के अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित कर अभियान चलाया जाएगा। अभियान के दौरान स्ट्रीट लाइट बॉक्सों की जांच की जाएगी, अवैध कनेक्शन हटाए जाएंगे तथा दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
नगर निगम शहर में करीब 80 हजार स्ट्रीट लाइटों का संचालन एवं रखरखाव किया जाता है। इन स्ट्रीट लाइटों के माध्यम से शहर की सड़कों, चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर रोशनी की व्यवस्था की जाती है। अधिकारियों का कहना है कि यदि बिजली चोरी पर प्रभावी अंकुश नहीं लगाया गया तो स्ट्रीट लाइट व्यवस्था प्रभावित होने के साथ-साथ नगर निगम को आर्थिक नुकसान भी होता रहेगा।
नगर निगम प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उनके क्षेत्र में कोई व्यक्ति स्ट्रीट लाइट बॉक्स से अवैध रूप से बिजली लेता दिखाई दे तो इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ समय रहते कार्रवाई की जा सके। आने वाले दिनों में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर ऐसे मामलों


