भारत-EU ट्रेड डील की ओर बढ़ते कदम: गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा- ‘सफल भारत ही दुनिया की तरक्की’

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नई दिल्ली। यूरोपियन कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुईं। यह दौरा ऐसे वक्त में हुआ है, जब भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच लंबे समय से अटकी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) बातचीत निर्णायक चरण में पहुंचती नजर आ रही है।

वॉन डेर लेयेन, यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा के साथ कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड में शामिल हुईं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दोनों अतिथियों के साथ पारंपरिक बग्गी में पहुंचने के बाद परेड की सलामी ली।

गणतंत्र दिवस समारोह के बाद उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि भारत के गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि बनना उनके लिए “जिंदगी भर का सम्मान” है। उन्होंने लिखा,।“एक सफल भारत दुनिया को ज्यादा स्थिर, समृद्ध और सुरक्षित बनाता है और हम सभी को इसका फायदा होता है।”

उनका यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ प्रस्तावित भारत-EU शिखर वार्ता से पहले आया है। माना जा रहा है कि 27 जनवरी को होने वाले भारत-EU शिखर सम्मेलन में दोनों पक्ष लंबे समय से प्रतीक्षित व्यापार समझौते को लेकर कोई बड़ा ऐलान कर सकते हैं।

EU भारत का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर माना जाता है। वित्त वर्ष 2023-24 में भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच सामानों का द्विपक्षीय व्यापार 135 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया था। अधिकारियों का मानना है कि प्रस्तावित FTA के जरिए दोनों पक्षों के बीच कारोबारी संबंधों में बड़ा विस्तार हो सकता है।

यह समझौता ऐसे समय में और महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब दुनिया में टैरिफ आधारित नीतियों और वैश्विक व्यापार में रुकावटों की चर्चा तेज है। ऐसे में भारत और 27 देशों के EU ब्लॉक के बीच यह डील कई सेक्टरों में नई दिशा दे सकती है।
गौरतलब है कि भारत और EU के बीच FTA पर बातचीत पहली बार 2007 में शुरू हुई थी, लेकिन मतभेदों के चलते 2013 में यह प्रक्रिया रोक दी गई थी। करीब एक दशक बाद जून 2022 में बातचीत दोबारा शुरू हुई।

सूत्रों के मुताबिक, प्रस्तावित समझौते के तहत भारत यूरोपियन यूनियन से आने वाली कारों पर इंपोर्ट टैरिफ को मौजूदा 110 फीसदी तक की दर से घटाकर 40 फीसदी करने पर विचार कर सकता है। बताया जा रहा है कि कुछ सीमित संख्या में EU से आने वाली कारों पर ड्यूटी में तुरंत कटौती की सहमति बन सकती है, बशर्ते उनकी इंपोर्ट कीमत करीब 16.3 लाख रुपये से अधिक हो। आगे चलकर यह टैरिफ घटकर 10 फीसदी तक लाए जाने की संभावना भी जताई जा रही है।

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